5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राज्यपाल के फैसले की आलोचना पर भड़के गिरिराज, कहा-विधानसभा भंग का विरोध करने वाले लोग पाक के समर्थक

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को अचानक जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग कर दी।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shiwani Singh

•

Updated: 22 Nov 2018, 3:29 PM IST

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग किए जाने पर विपक्ष लगातार हमलावर है। विपक्ष इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर सवाल भी उठा रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने विपक्ष द्वारा उठ रहे सवालों पर तीखा हमला बोला है। गिरिराज सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग का विरोध करने वाले लोग पाकिस्तान की तरफदारी कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें-हवा में खराब हुआ GoAir के विमान का इंजन, मुंबई में करानी पड़ी इमर्जेंसी लैंडिंग

क्या कहा गिरिराज सिंह ने

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता अक्सर पाकिस्तानी आतंकवादी और पाकिस्तान की तरफदारी करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का फैसला अपने विवेक से किया है, जो संवैधानिक तौर पर एकदम सही है। राज्यपाल द्वारा लिया गया फैसला लोकतांत्रिक ढंग से लिया गया है।

नकवी का पलटवार

वहीं, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग करने को सही बताया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सही फैसला लिया है। यह फैसला जम्मू-कश्मीर के लोगों के हित में है। विधानसभा भंग करने पर बीजेपी पर उठ रहे सवालों पर पलटवार करते हुए नकवी ने भी सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा भंग को लेकर आज वे लोग सवाल क्यों उठा रहे हैं, जो अभी तक कह रहे थे कि ऐसे हालात में राज्य विधानसभा भंग होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें-प्रकाश पर्व: मोदी सरकार का सिख समुदाय को तोहफा, गुरदासपुर-करतारपुर साहिब कॉरिडोर को

जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को अचानक जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग कर दी। बता दें कि सत्यपाल महिक द्वारा विधानसभा भंग करने का फैसला उस समय आया है जब पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले थे।