
बेंगलूरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नतीजे लगभग स्पष्ट हो गए हैं। भले ही जेडीएस को समर्थन देकर कांग्रेस सरकार का हिस्सा बन जाए, लेकिन राज्य दर राज्य खराब हो रही हालत के बीच कर्नाटक के नतीजों ने भी बड़ा झटका दिया है। इसी के साथ कांग्रेस में खराब हालत का ठीकरा फोड़ने की भी शुरुआत हो गई है। राज्य सरकार में ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने अपने ही मुख्यमंत्री के सिद्दारमैया के अति-आत्मविश्वास को इसकी वजह बताया है। अभी कांग्रेस ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस की पूरी कोशिश किसी भी तरीके से बीजेपी को सत्ता से दूर रखने की है।
शिवकुमार ने गिनाईं सिद्दारमैया की गलतियां
शिवकुमार ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले तीन महीनों में यहां आकर और राज्य में चुनाव प्रचार कर अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। लेकिन यह स्थानीय नेताओं के लिए अच्छा संकेत नहीं है कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों का रुझान नहीं समझ सके।' मंगलवार को शिवकुमार ने सिद्दारमैया को हार का जिम्मेदार ठहराते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने हार के ये कारण गिनाए।
- चुनाव प्रचार के मामले में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी 10 फीसदी भी नहीं किया।
- सिद्दारमैया को दो विधानसभा सीटों से चुनाव नहीं लड़ने की सलाह दी गई थी लेकिन वे नहीं माने। सिद्दारमैया ने बादामी और चामुंडेश्वरी विधानसभा से चुनाव लड़ा। उन्हें लगता था कि वे दोनों विधानसभाओं को अच्छी तरह जानते हैं। सिद्धारमैया को बादामी सीट से जीत हासिल हुई है, जबकि चामुंडेश्वरी से उन्हें हार मिली है।
सिद्दारमैया का अतिआत्मविश्वास हार की वजह
जब शिवकुमार से सवाल पूछा गया कि क्या सिद्धारमैया अति आत्मविश्वास से भरे थे, उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, यह सिद्दारमैया का आत्मविश्वास ही था जिसने हमें इस स्तर पर ला दिया।' शिवकुमार ने किसी मोदी लहर को भी नकारते हुए कहा, 'उन्हें हमारी कमियों का फायदा मिला।'
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Published on:
15 May 2018, 7:40 PM IST
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