4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिहार: लोकसभा सीटों को लेकर नए फॉर्मूले पर जारी है काम, 20 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है भाजपा

एनडीए में शामिल सभी घटक दलों को नए फार्मूले पर सहमति बनाने के लिए कुछ न कुछ त्‍याग करना पड़ेगा।

2 min read
Google source verification

image

Dhirendra Kumar Mishra

Aug 30, 2018

nitish amit

बिहार: लोकसभा सीटों को लेकर बिहार में नए फॉर्मूले पर जारी है काम, 20 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है भाजपा

नई दिल्‍ली। बिहार में लोकसभा की सीटों को लेकर एनडीए में शामिल दलों में जोर आजमाइश जारी है। अभी तक किसी सर्वमान्‍य फार्मूले पर सहमति नहीं बन पाई है। नई खबर यह आई है कि एनडीए में शामिल सभी दलों के नेता एक नए फार्मूले पर आपस में सहमति बनाने पर विचार कर रहे हैं। अगर इस फार्मूले पर सहमति बनती है तो भाजपा और आरएलएसपी पहले से कम सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बता दें कि एनडीए गठबंधन में इस बार सीटों के बंटवारे को लेकर टूट की स्थिति बनी हुई है। यह स्थिति जेडीयू का फिर से एनडीए गठबंधन में वापसी की वजह से उत्‍पन्‍न हुई है।

क्‍या है नया फार्मूला?
बिहार में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर जारी खींचतान के बीच अब नए फार्मूले पर सभी दलों के बीच सहमति बनने के आसार हैं। नए फार्मूले के अनुसार भाजपा 40 में से 20, जेडीयू 12 प्‍लस वन, एलजेपी छह और आरएलएसपी दो सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि इस फार्मूले पर अंतिम रूप से सहमति नहीं बन पाई है। न ही आधिकारिक रूप से किसी से इन बात की पुष्टि की है। अगर इस बात पर सहमति बनीं तो तय है कि भाजपा को गठबंधन बनाए रखनी की कीमत चुकानी पड़ेगी। भाजपा के वर्तमान में 22 सीटिंग एमपी हैं। नए फार्मूले के हिसाब से उसे 20 सीट मिलने की उम्‍मीद है। इसी तरह आरएलएपी के तीन सांसद हैं और से दो सीट मिलने संभावना है। राम विलास पासवान की पार्टी एलजेपी को छह सीटें मिल सकती हैं। हालांकि पिछले बार एलजेपी ने सात सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे छह पर जीत मिली थी। बताया जा रहा है कि इस फार्मूले पर भाजपा, जेडीयू और एलजेपी ने करीब-करीब मन बना लिया है, लेकिन आरएसएसपी अभी तक इसके लिए राजी नहीं हुई है। इस बार आरएलएपी से निलंबित सांसद अरुण कुमार इस बार भाजपा कोटे से चुनाव लड़ेगे।

जेडीयू ने मांगी थी बड़े भाई की भूमिका
आपको बता दें कि जून में जेडीयू के प्रवक्‍ताओं ने कहा कि देश भर में एनडीए गठबंधन के नेता पीएम मोदी होंगे जबकि बिहार में सीएम नीतीश कुमार बड़े भाई की भूमिका में होंगे। इस बात को लेकर जून-जुलाई में जेडीयू और भाजपा के बीच संबंध टूटने के कगार तक पहुंच गया था। लेकिन जुलाई में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह और नीतीश कुमार की पटना में ब्रेकफास्‍ट और डीनर डिप्‍लोमेसी के बाद यह फैसला हुआ कि दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे, पर सीटों के बंटवारे का समाधान निकल आएगा। अब जो फार्मूले सामने उभरकर सामने आए हैं उससे लगता है कि एक साथ चुनाव लड़ने के लिए सभी दलों ने अपनी-अपनी जिद छोड़कर आपसी सहमति से लड़ने का फैसला लिया है, लेकिन अब भी सीटों को लेकर आधिकारिक बयान आना बाकी है।