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नया मोड़: मोदी के खिलाफ महाराष्‍ट्र में बनेगा शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी का गठजोड़, शरद आज मिलेंगे सोनिया से

महाराष्‍ट्र में सरकार गठन को लेकर करेंगे चर्चा हुसैन दलवाई ने लिखा सोनिया गांधी का खत शिवसेना के सियासी रुख को बताया सर्वर समावेशी

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव परिणाम आने के 11 दिनों बाद भी नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस बरकरार है। बीजेपी और शिवसेना के बीच सीएम पद को लेकर जारी तकरार खत्म होने की अब उम्मीद बहुत कम है। हालांकि बीजेपी ने शिवसेना के सामने एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव रखा है।

दूसरी तरफ इस बात के भी संकेत मिलने लगे हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में उग्र हिंदूवादी और धर्मनिरपेक्ष पार्टी के बीच सरकार बनाने को लेकर सहमति बन जाए।

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इस बात को बल उस समय मिला जब शिवसेना के नेता संजय राउत, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और अन्य नेताओं से मुलाकात के बाद एनसीपी प्रमुख और मराठा क्षत्रप शरद पवार ने रविवार को सोनिया गांधी से मिलने की इच्छा जताई है। आज शरद पवार दिल्‍ली पहुंच गए हैं और इस मसले पर कांग्रेस के अंतरिम अध्‍यक्ष से बात कर सकते हैं।
इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद हुसैन दलवई ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने को लेकर चिट्ठी लिखी है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा है कि कांग्रेस को शिवसेना के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाने में हिचक नहीं दिखानी चाहिए।

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महाराष्ट्र में सरकार गठन और सरकार में भागीदारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच खींचतान जारी है। इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद हुसैन दलवई ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को महराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने पर चिट्ठी लिखी है।

हुसैन दलवई ने सोनिया गांधी से अपील की है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), कांग्रेस और शिवसेना को मिलकर सरकार गठन करना चाहिए।

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कांग्रेस सांसद ने कहा कि जहां महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी में सरकार गठन पर सहमति नहीं बन पा रही है, ऐसे में कांग्रेस, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, गठबंधन में हमारी सहयोगी एनसीपी और शिवसेना साथ मिलकर सरकार बनाएं। इसके पीछे दलवई ने दलील दी है कि इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी के चुनाव के दौरान भी शिवसेना ने हमारा साथ दिया था।

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उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि सब जानते हैं कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने हमारे कई विधायक और नेताओं को अपने खेमे में शामिल कर लिया था। अगर वे सरकार बनाने में सक्षम होते हैं तो वे फिर से और अधिक सख्ती के साथ ऐसा करेंगे। ऐसे में अगर हम शिवसेना के साथ सरकार बनाने में सक्षम होते हैं तो इसे रोका जा सकता है। ऐसा करने पर कांग्रेस को अपने जनाधार को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

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उन्होंने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय लिंचिंग पर भाजपा सरकार के एजेंडा को लेकर अतिसंवेदनशील हैं। साथ ही देश भर में एनआरसी को लागू करने की योजना और बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंतित है।

दलवई ने लिखा है कि हमें याद रखना चाहिए कि बीजेपी ने लगातार एक राष्ट्र, एक नेता, एक पार्टी, एक धर्म के आरएसएस के सिद्धांत का पालन किया है। लेकिन हाल के दिनों में शिवसेना का सियासी रुख अधिक समावेशी रहा है।