
नई दिल्ली। महाराष्ट्र कांग्रेस की सदस्यता से उर्मिला मतोंडकर के इस्तीफे को कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने बड़ा नुकसान बताया है। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री और कांग्रेस नेता उर्मिला से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा है।
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा कि लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से पार्टी में आत्ममंथन का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन के बाद अमृत निकला था। हमें यकीन है कि इस मंथन से भी अमृत निकलेगा। जिनको जाना है वह छोड़कर जाएंगे लेकिन जो पार्टी की विचारधारा के साथ हैं। वह पार्टी में बने रहेंगे।
उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस में जारी घमासान के लिए पार्टी नेता मिलिंद देवड़ा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कैंपेन चलाकर मुझे भी पद से हटवाया था। खुद अपनी नियुक्ति करवाई और अब विधानसभा चुनाव के पहले जिम्मेदारी से हट गए।
मातोंडकर का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण
उन्होंने उर्मिला मातोंडकर के इस्तीफे पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उर्मिला जी ने जो चिट्ठी मुंबई अध्यक्ष को लिखी थी उसको लीक कर दिया गया। यह निजता का सवाल है और ऐसा नहीं होना चाहिए था।
इसके साथ ही निरुपम ने कहा कि उन्होंने जिन नेताओं पर आरोप लगाए हैं उनके बारे में दावे के साथ कह सकता हूं कि उन्होंने कांग्रेस के लिए बहुत जी जान से काम किया है।
संजय निरुपम ने कहा कि उर्मिला को गलत जानकारी है कि उन्हें किसी पद पर नियुक्त किया गया है। मैं फिर से अनुरोध करूंगा कि वह अपने फैसले पर विचार करें।
कृपाशंकर को अब याद आया धारा 370
पार्टी नेता कृपाशंकर के इस्तीफे पर संजय निरुपम ने कहा कि इस बात की जानकारी मुझे मिले है। यह ताज्जुब की बात है कि अब उन्हें अनुच्छेद 370 याद कर रहे हैं। पहले से ही पार्टी से जाने का उनका मन बना हुआ था। अगर योग्य लोगों को बीजेपी ले रही है तो उसे बधाई।
Updated on:
11 Sept 2019 01:01 pm
Published on:
11 Sept 2019 01:00 pm
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