
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव के बीच बिहार की सियासत में इन दिनों गर्माहट कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। खास तौर पर राष्ट्रीय जनता दल के लिए ये समय ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव जेल में हैं तो दूसरी तरफ उनके ही बड़े बेटे पार्टी के रोज एक परेशानी खड़ी कर देते हैं। ताजा मामला जो सामने आया है उसके मुताबिक लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर बागी तेवर दिखा रहे हैं। इस बार वे शिवहर सीट से अंगेश सिंह का प्रचार करने जा रहे हैं। दरअसल लालू-राबड़ी मोर्चा का उम्मीदवार घोषित करने के बाद से ही तेज प्रताप अंगेश के लिए प्रचार कर रहे हैं।
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अब खबर आ रही है कि वे बुधवार अपने मोर्चा के उम्मीदवार चंद्रप्रकाश का भी समर्थन करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव बुधवार को जहानाबाद जाएंगे जहां वो चंद्रप्रकाश के नामांकन में शामिल हो सकते हैं। यही नहीं इस दौरान वे चंद्रप्रकाश के लिए रोड शो भी करेंगे।
दरअसल सीट बंटवारे को लेकर तेजप्रताप ने पार्टी से ही बगावत शुरू कर दी थी। इसके तहत उन्होंने लालू-राबड़ी मोर्चा बनवाया और अपने करीबियों को टिकट देकर आरजेडी प्रत्याशियों के खिलाफ ही खड़ा कर दिया। आरजेडी पहले ही जेडीयू के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद प्रदेश में अपनी जमीन तलाशने में जुटी थी, ऐसे में तेज प्रताप के बागी तेवरों ने लालू यादव समेत आरजेडी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पिछले लंबे समय से तेज प्रताप राजद के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। कभी परिवार की कलह तो कभी विवादित बयान। तेज प्रताप की वजह से पार्टी को नुकसान का डर सताने लगा है। इस डर से निपटने के लिए पार्टी अब कड़ी रुख अख्तियार करने के मूड में है।
महीने भर से तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई न करने की लाचारी भी साफ-साफ दिख रही है। राजद के बागी सवाल भी उठा रहे हैं कि पार्टी में दोहरा मापदंड क्यों है? आरजेडी छोड़ मधुबनी से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने पूर्व पार्टी पर निशाना साधा है और पूछा है कि जिस जुर्म में अन्य नेताओं पर कार्रवाई कर दी जा रही है, उसी जुर्म में तेज प्रताप पर अबतक मेहरबानी क्यों है? लेकिन इन सब के बीच अब पार्टी ने तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
जल्द बन सकती है अनुशासन समिति
सवालों से घिरी राजद के लिए अब जरूरत आ गई है तेज प्रताप पर जल्द से जल्द कार्रवाई कर कार्यकर्ताओं और नेताओं में सकारात्मक संकेत दे। ऐसे में सूत्रों की माने तो जल्द ही पार्टी में अनुशासन समिति का गठन हो सकता है।
Published on:
23 Apr 2019 05:55 pm
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