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येदियुरप्पा के इस्तीफे से याद आया अटल का 22 साल पुराना भाषण, कही थी यह बात

सीएम पद से इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर येदियुरप्पा की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी से की जा रही है।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 20 May 2018, 8:53 AM IST

Yeddyurappa

युदियुरप्पा के इस्तीफे से याद आया अटल का 22 साल पुराना भाषण, कही थी यह बात

बेंगलूरु। कर्नाटक में बहुमत साबित न होने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान येदियुरप्पा ने सदन में भावुक भाषण भी दिया। येदियुरप्पा के इस्तीफे को सोशल मीडिया ने हाथों हाथ लिया है। सोशल मीडिया पर उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी से की जा रही है। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 104 सीट हासिल की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद येदियुरप्पा सदन में बहुमत हासिल नहीं कर पाए।

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13 दिन चली थी सरकार

दरअसल, बीएस येदियुरप्पा का भावुक भाषण 22 साल पहले अटल बिहारी वाजेपयी के उस प्रकरण की याद दिलाता है, जब प्रधानमंत्री रहते हुए वो बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर पाए थे। इन हालात में अटल ने भी शक्ति परीक्षण से पूर्व ही पीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि 1996 में हुए आम चुनाव के परिणाम आने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी 16 मई 1996 ने पीएम पद की शपथ ली थी। जिसके बाद अटल को सदन में अपना बहुमत साबित करना था। सदन में शक्ति परीक्षण के दौरान केवल एक वोट के चलते अटल बहुमत साबित नहीं कर पाए थे और उनको पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अटल बिहारी वाजपेयी की यह सरकार केवल 13 दिन ही चल पाई थी।

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क्या बोले थे अटल

सदन में इस्तीफा देने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने येदियुरप्पा की तरह ही भावुक भाषण दिया था। इस दौरान अटल ने भरे सदन से पूछा था कि आखिर हमारा दोष क्या है? हमारे साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? हमें कठघरे में क्यों खड़ा किया जा रहा है? हमें जनता का वोट ऐसे ही नहीं मिला। इसके पीछे हमारा सालों का संघर्ष है। हमने 40 सालों तक बिना किसी लोभ लालच के जनता की सेवा की है और इसके आगे भी हम संघर्ष करते रहेंगे। बता दें कि उस दौरान भाजपा को 161 सीटें हासिल हुई थीं, जबकि प्रतिद्वंदी पार्टी कांग्रेस को 140 सीट मिली थीं। जबकि शक्ति परीक्षण के समय अटल सरकार के खिलाफ 270 और पक्ष में 279 वोट पड़े थे।

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क्या बोले येदियुरप्पा

शक्ति परीक्षण में बहुमत साबित कर पाने में विफल येदियुरप्पा ने भी पूर्व पीएम अटल के अंदाज में ही 20 मिनट लंबा भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में उनकी पार्टी को जनादेश मिला है। कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस और जेडीएस को नकारा है। अगर में 113 सीटें मिली होती तो आज हालात कुछ और होते। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि कांग्रेस और जेडीएस का साथ बहुत लंबे समय तक नहीं टिकेगा।