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उत्तर प्रदेश में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आगानी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य के नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए भाषण में जोर देते दिखे। लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शाह ने कहा- “आप लोगों के मन में जो भी निराशा, नाराजगी है उसे यहां से जाते समय गोमती में डार जाइए, एकजुट रहना है और कई बार मन में जो सोचा जाता है वह हासिल नहीं होता है”। इससे ये बात समझ में आती है कि कहीं ना कहीं बीजेपी के जमीनी कार्यकर्ताओं के भीतर गुस्सा और नाराजगी है। इसलिए, बैठक में इस बात पर जोर दिया जा रहा है।
शाह का चुनावी रणनीतिक संदेश अमित शाह ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा की जीत में नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता ही असली ताकत हैं। उन्होंने 2014 और 2017 की जीतों का उदाहरण देते हुए बताया कि तब संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत ने पार्टी को रिकॉर्ड जीत दिलाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा ने उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया है, तो यह संगठन की ताकत का प्रमाण है।
सभी कार्यकर्ताओं से कहा- एकजुट होकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं।
दरअसल, विपक्ष के नेता भी बीजेपी की भीतरी नाराजगी के बारे में बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी पार्टी में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और चुनावी असंतोष बड़ा कारण माना जा रहा है।
हाल ही में हुई फीडबैक प्रक्रिया में कुछ क्षेत्रीय नेताओं ने कहा कि टिकट और मंत्री पद बाहरी नेताओं को देना स्वीकार्य है, लेकिन उन्हें संगठनात्मक पदों पर बैठा देना समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए मुश्किल पैदा कर देता है। इसके अलावा, हालिया विधान परिषद चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने का एक कारण कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी बताया गया है।
हालांकि, इसको लेकर भाजपा के चाणक्य माने जाने वाले शाह भी अगर नाराजगी दूर करने की बात पर जोर डाल रहे हैं तो यह स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर यह मसला गंभीर है।
शाह ने बैठक में यह भी कहा कि पार्टी अगले कुछ हफ्तों में कार्यकर्ताओं से जुड़ने और उनकी नाराजगी दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी, और यह अभियान चुनाव की घोषणा से पहले पूरा कर लिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी बूथ स्तर पर सक्रियता, पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और संवाद पर जोर दिया।
वहीं, विपक्षी पार्टी सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इस बार अपनी सरकार बनाने का हुंकार भर रहे हैं। इस पर शाह ने कहा कि अखिलेश बाबू आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात कह रहे हैं। 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इसके लिए कभी माफ नहीं किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की चुनावी कमजोरियां साफ दिख रही हैं।
अगर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 तक अगर भाजपा अपने जमीनी कार्यकर्ताओं की नराजगी दूर नहीं कर पाती है तो इसका फायदा विपक्ष को मिल सकता है।
Updated on:
31 Oct 2026, 11:30 AM IST
Published on:
31 Oct 2026, 11:28 AM IST
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