
शिक्षा व्यवस्था और पेपरलीक की घटनाओं पर अखिलेश ने BJP को घेरा (फोटो- पत्रिका)
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party National President Akhilesh Yadav) ने सोमवार को प्रयागराज में बीजेपी पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav) ने प्रयागराज में आयोजित 'विजन इंडिया' कार्यक्रम में 'शिक्षा-परीक्षा: क्यों ध्वस्त हुई व्यवस्था' विषय पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा- लगातार पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली, सरकारी स्कूलों के बंद होने और बढ़ती बेरोजगारी ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।
अखिलेश ने कहा कि यदि शिक्षा और रोजगार की स्थिति नहीं सुधरी तो देश की जनसांख्यिकीय एक बड़ी चुनौती में बदल जाएगी। अखिलेश ने कहा- शिक्षा किसी भी देश की बुनियाद होती है। जब शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली कमजोर होती है तो सबसे बड़ा नुकसान युवाओं और देश के भविष्य को होता है।
अखिलेश ने कहा कि लगातार पेपर लीक, परीक्षाओं का निरस्त होना और बेरोजगारी बढ़ने से युवाओं में मानसिक तनाव बढ़ा है। इसकी वजह से कई अभ्यर्थियों ने निराशा में आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने KG से लेकर PG तक की पूरी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।
सपा चीफ ने आग कहा कि बीजेपी सरकार में हजारों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय राजनीतिक हस्तक्षेप का शिकार हैं और शिक्षा का बजट लगातार घटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और शोध पर खर्च करने के बजाय विज्ञापनों पर अधिक धन खर्च कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय विभिन्न गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जबकि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों के प्राथमिक विद्यालयों को मर्जर के नाम पर बंद किया जा रहा है, जिससे छोटे बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
सपा मुखिया ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को 'नॉट फाउंड सूटेबल' बताकर नियुक्तियां रोकी जा रही हैं। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण की अनदेखी, छात्रवृत्ति में देरी और बढ़ती फीस के कारण गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि नौकरी न मिलने का सबसे अधिक असर बेटियों पर पड़ता है। सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बड़ी संख्या में छात्राओं की पढ़ाई बीच में छूट जाती है, जो देश के विकास के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
Published on:
29 Jun 2026 07:21 pm
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