
दांए शूटर गुलाम मोहम्मद बांए असद
उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अतीक के बेटे असद और गुलाम मोहम्मद का गुरुवार को झांसी में एनकाउंटर हो गया। पुलिस एनकाउंटर के बाद अब सारी परते धीरे-धीरे खुलने लगीं है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अतीक ने उमेश पाल की हत्या के बाद अपने बेटे और शूटर को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दीं। उसने दिल्ली में एक बड़े नेता तो महाराष्ट्र में अबु सलेम के लोगों से मदद ली।
उमेश की हत्या के बाद नोएडा भाग था असद
सूत्रों की मानें तो 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या करने के बाद असद और गुलाम मोटरसाइकिल से प्रयागराज से कानपुर गए थे। कानपुर से दोनों रोडवेज की बस पर सवार होकर नोएडा पहुंचे, जहां असद अपनी पढ़ाई के दौरान कई दिनों तक रह चुका था।
दिल्ली में नेता ने की मदद
नोएडा में खुद को असुरक्षित महसूस करने पर उसने दिल्ली जाने का फैसला किया। इस पर अतीक ने दिल्ली में एक राजनेता को अपने बेटे के रहने के लिए व्यवस्था करने को कहा इस पर उस राजनेता ने असद के संगम विहार इलाके में रहने का इंतजाम कराया।
मेरठ से पुणे गया असद
अपनी फरारी के दौरान असद मेरठ आ गया, जहां अतीक के बहनाेई डाॅ. अखलाक ने उसे फरारी के लिए एक लाख रुपये दिए। दिल्ली में 14 मार्च तक रहने के बाद दोनों राजस्थान के अजमेर चले गए। फिर अचानक अशरफ ने बरेली जेल से फेसटाइम के जरिए असद से नासिक जाने को कहा। नासिक पहुंचने के बाद असद और गुलाम पुणे गए, जहां अबू सलेम के एक करीबी ने उनके ठहरने का बंदोबस्त किया।
महाराष्ट्र पुलिस भी कर रही थी तलाश
इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में महाराष्ट्र पुलिस भी दोनों को तलाश कर रही थीं। इस बात की भनक लगने पर दोनों वापस दिल्ली आ गए। तीन दिन पहले दोनों अचानक झांसी आए थे। पारीछा बिजलीघर के पास गुड्डू मुस्लिम के एक करीबी ने उनको ठहराया। पुलिस सूत्रों की मानें तो असद और गुलाम पुलिस के काफिले पर हमला करने करने की साजिश रच रहे थे। इसके लिए गुड्डू को भी झांसी आना था।
Updated on:
14 Apr 2023, 11:58 AM IST
Published on:
14 Apr 2023, 11:58 AM IST
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