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प्रयागराज। जिले में लगातार बढ़ते हुए अपराध पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस महकमा आए दिन मुठभेड़ और एनकाउंटर कर अपराधियों को गिरफ्तार करने का काम कर रहा है। इसकी जानकारी पुलिस विभाग के आला अधिकारी खुद मीडिया को देते रहे है। लेकिन प्रयागराज पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर के खिलाफ सवाल उठ रहे है। जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगे है। इस बीच अपराध पर काबू पाने के लिए पुलिस के आला अधिकारीयों ने कई बार घेरे बन्दी और मुठभेड़ का दावा किया है।
दरअसल दो दिन पहले जिले के मऊआइमा थाना क्षेत्र के बांका जलालपुर में हुए पुलिस इन्काउंटर सवालों के घेरे में है।घटना स्थल की तस्वीर वायरल हुई जिसमें घायल आरोपी के हाथ में है देशी तमंचा देखा जा रहा है। जानकारों की माने तो लगे तमंचे में ट्रिगर ही नहीं है।ऐसे में उसे गोली चलने की संभावना ही नहीं होती। अपराधी जो फोटो वायरल हुई है उसने उसके पैर में गोली लगने के स्थान पर गमछा बांधा गया है। लेकिन फोटो में घायल आरोपी के हाथ में तमंचा मौजूद हैं।
आखिर पुलिस को कैसे पता कि तमंचा लोड नहीं है।
सवाल है कि पुलिस ने वाहवाही के लिए तस्वीर वायरल की थी। मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक डीआईजी रेंज केपी सिंह ने इन्काउंटर में प्रक्रियागत खामी की बात कही है। उन्होंने कहा है की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।घायल आरोपी के परिजनों ने भी सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की है।बता दें कि बुधवार तड़के गंगा पर के मऊआइमा थाना क्षेत्र की है, जिसमें पुलिस ने कथित मुठभेड़ को दिखाया है।पुलिस के मुताबिक बीतें दिनों बांका जलाल पुर मऊ आइमा में इलाहाबाद बैंक मैनेजर की हत्या में इश्तियाक शामिल था। लेकिन परिजनों का आरोप है कि इश्तियाक को रात 12 बजे घर से उठाकर पैर में गोली मारी गई है।पुलिस ने आरोपी इश्तियाक को एसआरएन अस्पताल से नैनी जेल में शिफ्ट कर दिया है।
Published on:
27 Jul 2019 01:35 am
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