
UP Assembly Election 2022: प्रयागराज के इस सीट पर बढ़ा चार प्रतिशत मतदान, भाजपा के इन दो कैबिनेट मंत्रियों को मिली चुनौती, जाने दोनों सीट पर क्यों टिकी सबकी निगाहें
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 चुनाव के पांचवें चरण का मतदान रविवार को शाम छह बजे समाप्त हो गया। सभी पोलिंग पार्टियों ने मतदान समाप्त करने के बाद ईवीएम मशीन को काउंटिंग रूम सुरक्षित पहुंचा भी दिया है। अब 10 मार्च को निर्णय आएगा कि उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी। लेकिन प्रयागराज के 12 विधानसभा सीट में से दो पर सबकी निगाहें टिकी है। इन दोनों सीटों पर भाजपा के दिग्गज मंत्री ने चुनाव लड़ा है। एक के विधानसभा सीट पर चार प्रतिशत मतदाता बढ़े तो दूसरे के सीट पर 2017 के अपेक्षा लगभग तीन प्रतिशत मतदान अधिक हुआ है।
दोनों सीट पर बढ़े मतदाता
शहर पश्चिम सीट पर 2017 में 47.44 हुआ था और 2022 में 51.20 प्रतिशत मतदान हुआ है तो वहीं शहर दक्षिणी पर 2017 में 45.16 हुआ था अब 2022 में 47.05 प्रतिशत मतदान हुआ है। एक सीट पर चार प्रतिशत मतदाता बढ़े हैं तो दूसरी सीट पर लगभग 3 प्रतिशत मतदाता बढ़े हैं। इन दोनों सीटों पर लड़ रहे भाजपा दोनों कैबिनेट मंत्री को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी से भारी चुनौती मिली है। दोनों सीट बढ़े मतदाता क्या दिग्गजों को पटखनी देगी और समाजवादी की तरफ से गुल खिलेगा।
प्रयागराज की इन दोनों सीटों से एक तरफ जहां कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को ऋचा सिंह टक्कर दे रही है तो वहीं शहर दक्षिणी सीट पर कैबिनेट मंत्री को सपा प्रत्याशी रईस चंद्र शुक्ला ने भारी टक्कर दिया है। अब नतीजे का इंतजार है जो अब से तकरीबन दस दिन बाद आने वाला है। तब तक लोग गुणा-गणित कर रहे हैं।
इस गणित से बदल सकता है परिणाम
प्रयागराज के दिग्गज नेता शहर दक्षिणी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी नंद गोपाल नंदी के खिलाफ समाजवादी पार्टी से रईस चंद्र शुक्ला रहे तो वहीं कांग्रेस ने अल्पना निषाद पर बाजी लगाया है तो वहीं बसपा ने दिवेन्द्र मिश्र को मैदान में उतारा है। दक्षिणी सीट पर नंदी कब्जा कई सालों से है इसके पहले इस सीट पूर्व राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी का कब्जा रहा है और इसी सीट पर एक बार समाजवादी पार्टी का भी कब्जा रहा है। इस बार अल्पना निषाद के अ जाने से निषादों का वोट बट गया है और भाजपा से नाराज मतदाताओं ने समाजवादी पर मतदान कर दिया है। जिसका फायदा सपा उठा सकती है।
शहर पश्चिमी सीट पर बाहुबली अतीक अहमद कब्जा लगातार रहा है। यहां से बाहुबली अतीक अहमद ताबड़तोड़ वोटों विजयी रहे हैं लेकिन इस बार बाहुबली की पत्नी शाहिस्ता परवीन मैदान में नहीं आई और जानकारी मिली है उन्होंने समाजवादी प्रत्याशी ऋचा सिंह को समर्थन दे दिया है। जिसका मुख्य कारण है कि भाजपा प्रत्याशी कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को भारी चुनौती मिली है। इस सीट पर 2017 के अपेक्षा चार प्रतिशत अधिक मतदान भी हुए हैं। अब 10 मार्च को दोनों दिग्गजों का होगा फैसला।
Updated on:
28 Feb 2022 06:15 pm
Published on:
28 Feb 2022 06:15 pm
