
रेंगालपाली-बिलासपुर एनएच निर्माण का कार्य राजस्व विभाग की मनमानी
रायगढ़. रेंगालपाली-बिलासपुर एनएच निर्माण का कार्य राजस्व विभाग की मनमानी के कारण विवादों में फंसता नजर आ रहा है। धनागर ग्राम में कम जमीन का भू-अर्जन कर अधिक जमीन में निर्माण शुरू किया जा रहा था,
ऐसे में किसानों ने इस पर आपत्ति शुरू कर दी है। बिना भू-अर्जन किए जमीन पर काम शुरू करने के लिए बुधवार को गए ठेकेदार व विभाग के अधिकारियों को भू-स्वामियों के विरोध का सामना करना पड़ा और सुबह से लेकर शाम तक निर्माण का कार्य आरंभ नहीं होने दिया गया। इस दौरान किसानों की मांग थी कि भू-अर्जन कर चार गुना मुआवजा राशि प्रदान करने के बाद ही काम शुरू करने दिया जाएगा।
हलांकि इस मांग को लेकर पहले भी क्षेत्र के किसानों ने एसडीएम व जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है लेकिन इस मामले में कोई पहल नहीं की गई। किसानों ने बताया कि बिलासपुर ? से रेंगालपाली तक बन रहे एनएच में धनागर के ही किसानों को जहां चार गुना मुआवजा राशि मिली है अब उसी प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन किया जाएगा तो प्रभावित करीब 19 किसानों को दो गुना के दर से मुआवजा राशि मिलेगी। इसके कारण ये विरोध किया जा रहा है।
पुनर्वास नीति की मांग
किसान यह भी मांग कर रहे हैं कि पूर्व में जिन किसानों की जमीन ली गई है उनको आदर्श पुनर्वास नीति का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में पुराने व नए दोनो ही भू-अर्जन में प्रभावित किसानों को आदर्श पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाए। तभी काम होने देंगे।
किसान बोले चूक तुम्हारी, हम क्यों भुगते
धनागर में काम रोकवाने के बाद प्रदर्शन कर रहे प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में हुए भू-अर्जन के दौरान जानबूझकर कम जमीन का अधिग्रहण किया गया। अब और जमीन की जरूरत है तो इस प्रशासनिक चूक का खामियाजा प्रभावित किसान दो गुना मुआवजा लेकर क्यों भुगतें।
Published on:
19 Apr 2018 01:14 pm
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