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अब कंपनी के खिलाफ श्राद्ध रैली निकालेंगे भू-विस्थापित, एनटीपीसी के खिलाफ नौ गांव के भू-विस्थापितों ने की तैयारी

निकलने वाली इस रैली में बड़ी संख्या में भू-विस्थापितों और ग्रामीणों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 3 Jul 2018, 3:55 PM IST

अब कंपनी के खिलाफ श्राद्ध रैली निकालेंगे भू-विस्थापित, एनटीपीसी के खिलाफ नौ गांव के भू-विस्थापितों ने की तैयारी

अब कंपनी के खिलाफ श्राद्ध रैली निकालेंगे भू-विस्थापित, एनटीपीसी के खिलाफ नौ गांव के भू-विस्थापितों ने की तैयारी

रायगढ़. शव यात्रा श्राद्ध व मशाल रैली के सहारे एनटीपीसी के विरोध के बाद अब एनटीपीसी लारा क्षेत्र में 9 गांव के प्रभावित ग्रामीण श्राद्ध रैली निकालने की तैयारी कर हैं। मंगलवार शाम साढ़े चार बजे निकलने वाली इस रैली में बड़ी संख्या में भू-विस्थापितों और ग्रामीणों के शामिल होने की बात कही जा रही है।

विदित हो कि एनटीपीसी लारा के खिलाफ सौ से भी अधिक दिनों से भू-विस्थापित धरना आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच कैंडल मार्च, मशाल रैली सहित अन्य तरीकों से अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया गया है। धरने आंदोलन पर बैठे इन ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग को लेकर न तो कंपनी, न ही प्रशासन और न ही सरकार गंभीर दिख रही है।

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इन भू-विस्थापितों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि जो जमीन कंपनी में गई है उसके बदले उन्हें कंपनी में स्थायी रोजगार दिया जाए। भू-विस्थापित किसानों का कहना है कि उनकी इस मांग पर कंपनी की ओर से कोई बात ही नहीं की जा रही है। इतना ही नहीं ग्रामीण पुनर्वास नीति पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इस नीति में यह स्पष्ट है कि प्रभावित परिवार को जमीन के बदले रोजगार भी दिया जाएगा इसके बाद भी गुमराह करने की कोशिश हो रही है।

कहते हैं नौकरी के बदले ले लो मुआवजा
धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि एनटीपीसी की ओर से जमीन के बदले नौकरी के मामले में नौकरी के बदले मुआवजा लेने की बात कही जा रही है। ऐसे में भू-विस्थापितों की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि इसी प्रदेश में जब एनटपीसी कोरबा, सीपत में भू-विस्थापितों को रोजगार दिया जा सकता है तो एनटीपीसी लारा के प्रभावितों को रोजगार क्यों नहीं दिया जा रहा है।