
CM bhupesh baghel
रायपुर . भाजपा के चिंतन शिविर और धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। अमरकंटक दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के चिंतन शिविर को लेकर कहा कि वे शिविर में 15 साल के कुशासन के बारे में चर्चा कर रहे हैं। रमन सिंह को घेरा जा रहा है। उनके शासनकाल को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। उसी में धर्मांतरण की बात आ रही है। आप आंकड़ेे उठाकर देख लें, भाजपा शासनकाल में जितने चर्च बने हैं, उतने कभी नहीं बने हैं। ये 'उलटा चोर कोतवाल को डांटे वाली' बात कर रहे हैं। आज वे सत्ता में नहीं है, तो सत्ता में वापसी के लिए धर्मांतरण का एक सहारा चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, हम सब अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोग है। हम लोगा जहां निवास करते हैं और उनकी संख्या अधिक होती है, वहां उनके आस्था और पूजा के केंद्र बनाया जाता है। यदि हिंदू की बस्ती है, तो वहां मंदिर बन जाता है। जहां सतनामी बस्ती है, वहां जैतखाम बन जाता है। यदि सिखों की बस्ती है, तो गुरुद्वारा, मुस्लिम अधिक है, वहां मस्जिद और इसाई ज्यादा है तो चर्च बनेगा। तो पहले समुदाय जाता है और उसके बाद ही पूजागृह बनते हैं। भाजपा के समय बस्तर में कितने चर्च बने हैं, उस आंकड़ों को देख लें। ये किस मुंह से से धर्मांतरण की बात करते हैं। मैं पहले भी बोल चुका हूं, धर्म मानने के लिए संविधान में व्यवस्था है। कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को स्वीकार कर सकता है। यदि जबरिया धर्मांतरण का एक भी केस बताए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महंगाई नियंत्रण में नहीं आ रही
रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, लोग अब हेमा जी और स्मृति जी को खोज रहे हैं, कि वो कब गैंस सिलेण्डर लेकर सड़कों पर बैठेंगी, क्योंकि आए दिन गैंस सिलेण्डर की कीमतें बढ़ रही है। इसके बाद भी ये मौन है। जबकि पांच रुपए दाम बढऩे पर सड़कों पर उतर आते थे। अब तो महंगाई चरम पर है और इनको नियंत्रण करना नहीं आ रहा है। उलटे हमारे पूर्वजों ने जो संपत्ति बनाई थी, लगातार उसे बेचने का काम कर रहे हैं।
बन रहा राहुल का दौरे का कार्यक्रम
राहुल गांधी के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, मैंने उन्हें निमंत्रण दिया है और उन्होंने आने की स्वीकृति दी है। अब कार्यक्रम बनेगा और उन्हें भेजेंगे। इसके बाद अनुमति मिलने पर दौरा कार्यक्रम होगा।
बिजली संकट पर कहा- आंकड़ों के साथ बात करूंगा क्यों छत्तीसगढ़ भोग रहा है, बिजली संकट पर मुख्यमंत्री ने कहा, यह बात सही है कि आज 4 हजार 900 मेगावाट से अधिक बिजली की खपत हो रही है। जो कि एक रेकॉर्ड है। इसका मतलब यह है कि हमारे किसान, उद्योग और घरों में बिजली का ज्यादा उपयोग हो रहा है। यह संपन्नता की निशानी है। जितनी अधिक बिजली खर्च होगी, उतने अधिक हम आगे बढ़ रहे हैं। आपूर्ति को लेकर कहा, इस बारे में डाटा के साथ बात करूंगा कि कहा गलत हुआ, जिसके कारण छत्तीसगढ़ भोग रहा है।
Published on:
02 Sept 2021 01:02 pm
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