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CG Election 2023: छत्तीसगढ़ में सत्ता की चाबी हैं बस्तर की 12 सीटें, 223 प्रत्याशी मैदान में.. बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर

CG Election 2023 : बस्तर संभाग के 12 विधानसभा सीटों में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराना चुनाव आयोग के लिए काफी बड़ी चुनौती है...
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 6 Nov 2023, 2:02 PM IST

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cg election 2023 : छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh Assembly Elections) में प्रथम चरण में बस्तर (Bastar) संभाग के 12 और दुर्ग संभाग के 8 सीटों पर 7 नवंबर को मतदान होना है. बस्तर संभाग के 12 विधानसभा सीटों में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराना चुनाव आयोग के लिए काफी बड़ी चुनौती है. सभी 12 विधानसभा सीट नक्सल प्रभावित होने की वजह से यहां चुनाव आयोग ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया है. दूसरी तरफ बीजेपी और कांग्रेस के नेता भी यहां चुनौती का सामना कर रहे हैं.

2018 के चुनाव में कांग्रेस ने बस्तर की 12 की 12 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन अब ऐसा कहा जा रहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में स्थिति बदली है और अब इन 12 विधानसभा सीटों में बीजेपी, कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है.

इन 12 सीटों पर जीत से सत्ता का रास्ता
बस्तर के राजनीतिक जानकार और वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास रथ और संजीव पचौरी का कहना है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता की चाबी पाने के लिए इन 12 विधानसभा सीट को जितना जरूरी होता है. ऐसे में प्रथम चरण के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के नेता चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं.,हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार सभी सीटों में बीजेपी, कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है.

श्रीनिवास रथ ने बताया कि इस बार कांग्रेस और बीजेपी से नाराज होकर हमर राज पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं. ऐसे में इस पार्टी के प्रत्याशी भी बीजेपी और कांग्रेस का वोट काट सकते हैं, साथ ही आप पार्टी भी इस बार चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. 2013 के विधानसभा चुनाव में बस्तर की 12 विधानसभा सीटों में 8 सीट बीजेपी के पाले में और चार सीट कांग्रेस के पाले में गई थी, वहीं 2018 के चुनाव में सभी सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी लेकिन अब ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्तमान विधायकों के दोबारा टिकट दिए जाने से कुछ जगहों में विधायकों पर जनता की नाराजगी दिख रही है. खासकर नारायणपुर , कोंटा, बीजापुर और जगदलपुर में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

कांग्रेस ने सभी सीटों पर किया जीत का दावा
इधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान का कहना है कि पिछले 5 साल के कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2 साल कोरोना में निकल गया ,लेकिन बचे 3 साल में गांव-गांव में विकास कार्य हुए हैं, बीजेपी के समय में 15 साल में ग्रामीण क्षेत्रों का जो विकास नहीं हो पाया, वह कांग्रेस सरकार ने 5 साल में कर दिखाया, किसानों का कर्ज माफ, 2500 समर्थन मूल्य में धान खरीदी ,और बिजली बिल हाफ ऐसे कई योजनाएं सरकार ने चलाई जिससे कांग्रेस के प्रति बस्तर की जनता का विश्वास बढ़ा है.

कांग्रेस के खिलाफ लोगों में नाराजगी- बीजेपी
वहीं बीजेपी के प्रवक्ता संजय पांडे ने कहा कि संभाग के पूरे 12 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के प्रति लोगों में काफी नाराजगी है. 15 साल के शासनकाल में जो विकास कार्य बीजेपी ने किया, वो सभी विकास कार्य बीते 5 साल में ढप पड़ गया. बस्तर में केवल कांग्रेस के कार्यकाल में धर्मांतरण को बढ़ावा मिला ,कमीशन खोरी को बढ़ावा मिला है.यही नहीं सभी सरकारी योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है।