
CG Murder Case: किशोरी की मौत बनी पहेली... आखिरी बार जिसके साथ दिखी, उसने मोबाइल फोन किया बंद(photo-patrrika)
CG Murder Case: छत्तीसगढ़ के रायपुर राजेंद्र नगर इलाके में किशोरी की मौत पहेली बन गई है। दूसरे दिन भी मामले में शामिल आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। घर से निकलने के बाद नाबालिग जिन लोगों के साथ थी, उन लोगों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया है। शहर से फरार भी हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
नाबालिग को घर से बुलाने वाले और अन्य लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। नाबालिग जिन युवकों के साथ अंतिम बार देखी गई है, वो फरार हैं। उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जिस जगह पर नाबालिग की लाश मिली है, वह सुनसान इलाका है। शव को रात में लाया गया था। पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है।
रायपुर राजेंद्र टीआई अविनाश सिंह ने कहा की नगर पीएम रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। पीएम रिपोर्ट नहीं मिलने के चलते मामला स्पष्ट नहीं हो पाया है। कुछ संदेहियों की तलाश की जा रही है।
रविवार को मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम किया गया। शार्ट पीएम रिपोर्ट पुलिस को अब तक नहीं मिली है, जिससे मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की दिशा स्पष्ट होगी। शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के मुताबिक नाबालिग अक्सर कैटरिंग का छोटा-मोटा काम करती थी। उसी बहाने वह घर से निकली, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। दो दिनों की तलाश के बाद रविवार सुबह अमलीडीह के खाली मैदान में उसका शव मिलने से परिजन और इलाके के लोग स्तब्ध रह गए।
राजेंद्र नगर पुलिस, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें मिलकर इलाके के CCTV खंगाल रही हैं। जिन युवकों पर संदेह है, उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से जल्द ही अहम सुराग मिल सकते हैं।
किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिजन सदमे में हैं। उनका कहना है कि बेटी कभी घर से बिना बताए नहीं जाती थी। परिजनों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता भगवानू नायक ने गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर नाबालिग की हत्या करने वालों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है। ऐसे में आम जनता, विशेषकर महिलाएं, स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। नाबालिग के गायब होने के तीन दिन पहले थाने में सूचना दी गई थी।
Updated on:
24 Nov 2025 12:28 pm
Published on:
24 Nov 2025 12:04 pm
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