CG News: निलंबन अवधि में वे सरकारी मेडिकल कॉलेज कांकेर में अटैच रहेंगे। शासन के नियमानुसार एक लाख की ज्यादा से खरीदी टेंडर से की जाती है, लेकिन डॉ. वर्मा तब डीडीओ भी थे। उन्होंने 2,65,29,296 रुपए के क्रय आदेश कोटेशन के आधार पर किया। जांच कमेटी ने इसे घोर वित्तीय उल्लंघन माना था। सस्पेंशन आर्डर में भी खरीदी में घोर वित्तीय अनियमितताएं का उल्लेख है।