
EV Subsidy Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में Electric Vehicles पर सब्सिडी घटेगी(photo-patrika)
EV Subsidy Chhattisgarh @राकेश टेंभुरकर: छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती संख्या के बीच सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 सितंबर 2026 से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी घटकर 25 फीसदी रह जाएगी। हालांकि, सब्सिडी की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपए तक रहेगी। मौजूदा नीति 31 अगस्त 2027 तक लागू है। राज्य सरकार ने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने, वायु प्रदूषण नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 26 अगस्त 2022 को पांच साल के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की थी।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति को तीन चरणों में लागू किया गया है। पहले दो वर्षों में वाहन की कीमत पर न्यूनतम 10 फीसदी और अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक की सब्सिडी का प्रावधान था। इसके बाद अगले दो वर्षों में सब्सिडी की दर 50 फीसदी तक रही। इस दौरान इलेक्ट्रिक कार खरीदारों के लिए अधिकतम सब्सिडी 1 लाख रुपए तय की गई। अब नीति के अंतिम चरण में 1 सितंबर 2026 से न्यूनतम 25 फीसदी की सब्सिडी और अधिकतम 1 लाख रुपए तक का लाभ मिलेगा।
वर्तमान इलेक्ट्रिक वाहन नीति 31 अगस्त 2027 तक लागू है। परिवहन विभाग के अनुसार, नीति की समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। अगर नीति की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाती है तो 2027 के बाद खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर इस योजना के तहत सरकारी सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसे वाहनों पर निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा रोड टैक्स चुकाना होगा।
राज्य सरकार अब तक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को करीब 400 करोड़ रुपए की सब्सिडी का भुगतान कर चुकी है। वहीं करीब 125 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान अभी बकाया है। बकाया सब्सिडी के भुगतान के लिए सरकार ने हाल ही में 40 करोड़ रुपए जारी किए हैं, जिसका वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा परिवहन विभाग ने शेष बकाया राशि के भुगतान के लिए 100 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट की मांग भेजी है। नीति की अवधि यानी 31 अगस्त 2027 तक वाहन खरीदने वाले सभी पात्र ग्राहकों को नियमानुसार सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 1.55 लाख दोपहिया, 25 हजार तीनपहिया, 12 हजार चारपहिया/कार और 8 हजार मालवाहक वाहन शामिल हैं। वहीं, नीति के तहत 50 किमी प्रति घंटे से कम अधिकतम गति वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण से छूट दी गई है, लेकिन ऐसे वाहनों को सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 1.55 लाख दोपहिया, 25 हजार तीनपहिया, 12 हजार चारपहिया/कार और 8 हजार मालवाहक वाहन शामिल हैं। वहीं, नीति के तहत 50 किमी प्रति घंटे से कम अधिकतम गति वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण से छूट दी गई है, लेकिन ऐसे वाहनों को सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता।
परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2022 में पांच साल की नीति लागू की गई थी। पात्र वाहन खरीदारों को नियमानुसार सब्सिडी का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को जनता से मिले अच्छे प्रतिसाद को देखते हुए भविष्य में नीति की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
1 सितंबर 2026 से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए सबसे बड़ा बदलाव सब्सिडी की दर में होगा। जहां पहले अधिक दर से सब्सिडी मिल रही थी, वहीं अब यह 25 फीसदी तक सीमित रहेगी। हालांकि, पात्र कार खरीदारों को अधिकतम 1 लाख रुपए तक का लाभ मिल सकता है। वहीं 31 अगस्त 2027 तक नीति के दायरे में आने वाले पात्र खरीदारों को नियमों के अनुसार सब्सिडी दी जाएगी।
Updated on:
29 Aug 2026 11:50 am
Published on:
29 Aug 2026 11:43 am
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