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CM ने ली पुलिस अफसरों की क्लास, बोले – अपराध बढऩे पर माना जाएगा SP की सहमति

कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों में खौफ नजर आए और आम जनता पुलिस को अपना मित्र समझे।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 25 Oct 2017, 12:01 PM IST

Raman

रायपुर . कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पुलिस अफसरों की अलग से क्लास लगाई। इसमें उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा कि छोटे-मोटे अपराध तो एसपी के जूते की धमक से ही खत्म हो जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जिले में अपराध बढ़ रहा है तो उसमें एसपी की भी सहमति मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों में खौफ नजर आए और आम जनता पुलिस को अपना मित्र समझे। पुलिस को देखकर जनता में सुरक्षा का एहसास हो। इससे पहले कलक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने समन्वय के साथ काम करने की नसीहत दी थी।

बैठक में गृह मंत्री रामसेवक पैकरा, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, मुख्य सचिव विवेक ढांड, पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय, प्रमुख सचिव गृह बीवीआर सुब्रमण्यम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन सिंह, पुलिस महानिदेशक (नक्सल आपरेशन) डीएम अवस्थी, अपर महानिदेशक (इंटेलीजेंस) अशोक जुनेजा समेत सभी आईजी, डीआईजी और एसपी शामिल हुए।

छवि पर काम करने पर जोर
बैठक में खाकी के बिगड़ते चेहरे की चिंता भी दिखी। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि वे जनता के बीच अपनी छवि ठीक रखें, ताकि लोगों के बीच पुलिस की नकारात्मक तस्वीर न बनें। उन्होंने अच्छे कामों के प्रचार के लिए शोसल मीडिया के इस्तेमाल को भी कहा। उन्होंने बस्तर पुलिस का एक उदाहरण दिया जिसमें एक बीमार महिला को सुरक्षाबलों की मदद से बचाया जा सका था।

स्मार्ट पुलिसिंग के एेसे दिए टिप्स
- अधिकांश वारदात बाहर से आए हुए अपराधी किस्म के लोग करते हैं, इसलिए बाहरी व्यक्तियों पर निगाह रखें।
- होटल, लॉज, शराब दुकानों और बियर बार आदि की नियमित जांच की भी नसीहत।
- जनता के साथ पुलिस का व्यवहार टीवी सीरियल केबीसी के अमिताभ की तरह हो।
- पुलिसिंग के मुख्य कार्य के साथ सामाजिक कार्यों में भी सहयोगी बनें।
- नियमित गश्ती की व्यवस्था हो और डाटा बेस मजबूत करें।