29 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

3 महीने बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि, CM साय ने की बड़ी घोषणा

Chhattisgarh Electricity Bill Scheme: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना' की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की है।
2 min read
Google source verification
CM Vishnu Deo Sai

CM साय की बड़ी घोषणा (फोटो सोर्स- DPR)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि अब यह योजना 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। पहले इसकी अंतिम तिथि 30 जून तय थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को शहरी क्षेत्रों में अच्छा प्रतिसाद मिला है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में पात्र उपभोक्ता अब तक इसका लाभ नहीं उठा सके हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसकी समय-सीमा बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि अधिक से अधिक लोग बकाया बिजली बिल का निपटारा कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र उपभोक्ता केवल समय की कमी के कारण इस योजना से वंचित न रह जाए। अतिरिक्त तीन महीने मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग आसानी से पंजीयन कराकर योजना का लाभ ले सकेंगे।

इन उपभोक्ताओं को मिलेगा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के दायरे में तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को रखा गया है। इनमें 31 मार्च 2023 तक निष्क्रिय हो चुके बिजली कनेक्शन, सक्रिय एकल बत्ती (सिंगल लाइट) कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू और अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं।

योजना के तहत पुराने बकाया बिजली बिलों के भुगतान को आसान बनाने के लिए सरकार विशेष छूट दे रही है। पात्र उपभोक्ताओं को अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी, जबकि मूल बकाया राशि में अधिकतम 75 प्रतिशत तक की राहत का प्रावधान किया गया है। इससे लंबे समय से बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

ऐसे उठाएं योजना का लाभ

योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पहले बिजली विभाग में अपना पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के समय कुल बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद बची हुई राशि को आसान किस्तों में चुकाया जा सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के तहत पंजीयन कराने वाले उपभोक्ताओं पर अगले महीने के लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त अधिभार नहीं लगाया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपना पुराना बिजली बिल चुकाने में आसानी होगी।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

राज्य सरकार का मानना है कि योजना की अवधि बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों ऐसे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे। अतिरिक्त समय मिलने से वे भी योजना में शामिल होकर सरकार द्वारा दी जा रही छूट का लाभ ले सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से एक ओर उपभोक्ताओं का पुराना बकाया कम होगा, वहीं बिजली बिलों की वसूली में भी सुधार आएगा।