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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क और साइंस कॉलेज ग्राउंड चौपाटी का रास्ता साफ

Raipur News: साइंस कॉलेज मैदान की चर्चित चौपाटी का ठेका देने के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी कंपनी ने 22 दिन पहले 2 जून को टेंडर जारी कर दिया था, ताकि चौपाटी में बने 60 स्टॉलों को संचालित किया जा सके।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 28 Jun 2023, 11:05 AM IST

Chowpatty built in Science College Ground on the side of GE Road.

जीई रोड के किनारे साइंस कॉलेज ग्राउंड में बनी चौपाटी।

Chhattisgarh News: रायपुर। शहर की लंबे समय से अटकी विशेषकर 3 बड़ी योजनाओं को हाईकोर्ट से हरी झंडी मिल गई है। कोर्ट ने सेंट्रल लाइब्रेरी के पीछे वेंडर जोन, साइंस कॉलेज ग्राउंड के पास बन रहे चर्चित चौपाटी और जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के निर्माण की मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही राजधानी के लोगों को यह सुविधाएं मिलने लगेंगी। बताया जा रहा है कि जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क पंडरी बस स्टैंड या मंडी की जमीन पर बनेगी।

60 स्टॉलों का जारी किया था टेंडर

साइंस कॉलेज मैदान की चर्चित चौपाटी का ठेका देने के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी कंपनी ने 22 दिन पहले 2 जून को टेंडर जारी कर दिया था, ताकि चौपाटी में बने 60 स्टॉलों को संचालित किया जा सके। टेंडर खोलने की अंतिम तारीख 22 जून थी, परंतु मामला कोर्ट में होने से जिम्मेदार हिचक रहे थे। अब चौपाटी ठेके पर देने की प्रक्रिया अब तेजी से होगी। इसके साथ ही सेंट्रल लाइब्रेरी के पीछे वेंडर जोन (cg news) बनाने का भी रास्ता खुल गया है।

बता दें कि शहर की सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाली मुख्य जीई रोड पर चौपाटी बनाई है। रायपुर स्मार्ट सिटी कंपनी ने 17 करोड़ की लागत से साइंस कॉलेज मैदान की बाउंड्री तोड़कर यूथ हब के नाम से निर्माण कराया है। इस वजह से उस दायरे की हरियाली पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रवेश गेट से लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम तक ग्रीन कॉरिडोर उजड़ चुका है। रोड के ठीक सामने चौपाटी में खानपान के 60 स्टॉल बनाए गए हैं। लाइटिंग और चौपाटी संचालित करने के काउंटर भी तैयार हैं। स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों के अनुसार सभी 60 स्टॉलों का ठेका किसी एक कंपनी को देंगे। फिर वह कंपनी रेट निर्धारित कर अलग-अलग लोगों को खानपान स्टॉल अपने हिसाब से देगी। इसी तरह सेंट्रल लाइब्रेरी के पीछे ठेला-खोमचे वालों के लिए 146 स्टॉलों का वेंडर जोन का प्लान है। जो रुका था।

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पूर्व मंत्री मूणत की यह थी दलील

बता दें पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने शैक्षणिक जोन में वेंडर जोन और चौपाटी का काफी विरोध किया। सप्ताहभर तक दिन-रात धरना-प्रदर्शन चला था। इसके बाद पूर्व मंत्री मूणत पूरे मामले को बिलासपुर हाईकोर्ट तक लेकर गए। उनकी दलील थी कि नियमों को दरकिनार करके शैक्षणिक जोन में चौपाटी बनाई गई है। चौपाटी की जगह खेल विभाग के आधिपत्य में है, उस विभाग से एनओसी (raipur news) तक नहीं ली गई। सबसे बड़ी बात ये कि यह क्षेत्र मास्टर प्लान में शैक्षणिक जोन आरक्षित है। ऐसे में चौपाटी संचालित होने से कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को असामाजिक तत्वों से परेशानी होगी। इन मुद्दों पर दायर याचिका अब खारिज हो गई।

2 जून को टेंडर जारी, 22 थी आखिरी तारीख

रायपुर स्मार्ट सिटी से 2 जून को चौपाटी का ठेका देने का टेंडर जारी हुआ था। टेंडर फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 22 जून को शाम 3 बजे तक थीं। ठेकेदारों को ऑनलाइन और मैनुअल फार्म जमा करना था। परंतु अभी कोई एजेंसी स्मार्ट सिटी ने तय करने की पुष्टि नहीं की है।

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सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती

नगर निगम रायपुर और स्मार्ट सिटी कंपनी ने एजुकेशन हब में चौपाटी का निर्माण संबंध में गलत तथ्य प्रस्तुत करके कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया है। हमारा अभी भी मानना है कि रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में नगर निगम चौपाटी बना रहा है, वह अवैध है। हम हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। जनहित के कार्यों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करके नगर निगम रायपुर और स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा पेश किए गए गलत तथ्यों को उजागर करेंगे। न्यायपालिका पर हमारी पूरी निष्ठा है, हमें उम्मीद है कि छात्र हित में चौपाटी के निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाएगी।

-राजेश मूणतपूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता

साइंस कॉलेज यूथ हब के 60 खानपान स्टॉलों का ठेका देने के लिए टेंडर फार्म जमा करने की आखिरी तारीख 22 जून थी। कई ठेकेदारों ने फार्म जमा किए हैं। परंतु अभी टेंडर ओपन नहीं हुआ है।

-पंकज कुमार पंचायती, कार्यपालन अभियंता, स्मार्ट सिटी

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