
इंडिगो एयरलाइंस (Photo Unsplash image)
Indigo Airlines Fine: हवाई यात्री का लगेज गुमाने पर इंडिगो एयरलाइंस पर 1.82 लाख रुपए का जिला उपभोेक्ता आयोग ने जुर्माना लगाया है। साथ ही नुकसान करने के बाद भी क्षतिपूर्ति राशि देने से इनकार करने पर नाराजगी जताई है। आयोग के अध्यक्ष एवं न्यायमूर्ति डाकेश्वर प्रसाद शर्मा, सदस्य निरूपमा प्रधान और अनिल कुमार अग्निहोत्री ने नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया है। वहीं, सेवा में निम्नता बरतने और अनुचित व्यापार व्यवहार करने लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई है। इसके एवज में 45 दिन के भीतर सामान की कीमत 6 फीसदी ब्याज दर सहित वाद व्यय की राशि अदा करने को कहा।
अधिवक्ता अनिकेत लहरी और अपूर्व गोयल ने बताया कि रायपुर के समता कॉलोनी आशुतोष जाखोदिया विवाह समारोह में शामिल होने आगरा गए थे। 5 दिसंबर 2015 को दिल्ली से रायपुर की फ्लाइट से लौट रहे थे। इस दौरान दिल्ली एयरपोर्ट में इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने समय की कमी और भीड़ का हवाला देते हुए 6 दिसंबर को दूसरी फ्लाइट से रायपुर भेजने का आश्वासन दिया। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में सामान लेने आने पर बताया कि उनके तीनों बैग उसी फ्लाइट में लोड हो गए थे। वह अपना लगेज बेल्ट से एकत्र किए जा सकते हैं। लेकिन वहां पहुंचने पर उनके सामान गायब थे। कई बार पूछने और लगेज की स्लीप देने के बाद भी गोलमोल जवाब दिया। लगातार चक्कर लगाने पर 18 दिसंबर स्वीकार किया कि सामान गुम हो गया है।
सामान गुम होने के बाद भी किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेने और 7 जनवरी 2016 को क्षतिपूर्ति देने से इनकार कर दिया। साथ ही कंडीशन ऑफ कैरिज का हवाला देते हुए कहा कि यात्रियों को शिकायत दर्ज कराते समय उपस्थित रहना आवश्यक था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वहीं, इंडिगो ने आयोग के क्षेत्राधिकार पर भी सवाल उठाया और तर्क दिया कि परिवादी ने न तो प्रॉपर्टी इरेगुलैरिटी रिपोर्ट दाखिल की और कीमती सामान की घोषणा चेक-इन के समय नहीं की। आयोग अध्यक्ष ने हवाई यात्री द्वारा दिए गए दस्तावेजी साक्ष्य और इंडिगो एयरलाइंस के प्रतिनिधियों द्वारा पेश किए गए तर्क को सुना। साथ ही कहा कि सामान एयरलाइन के ही आग्रह और सुरक्षित वापस लौटाने के आश्वासन पर एयरपोर्ट पर छोड़ा गया था।
यात्री को यह जानकारी ही नहीं थी कि सामान गुम हो चुका है। उक्त परिस्थितियों सह-यात्रियों को इकट्ठा कर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की शर्त लागू नहीं होती। आयोग ने इंडिगो के स्वयं के ईमेल का हवाला दिया, जिसमें उसने सामान गुम होने के लिए खेद व्यक्त किया था। इसे देखते हुए तीन बैग का 50 हजार रुपए के हिसाब से 1.50 लाख, मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार और 7 हजार रुपए वाद व्यय का देने का फैसला सुनाया। उक्त राशि 29 अप्रैल 2016 से भुगतान किए जाने तक 6 फीसदी ब्याज देने कहा।
Updated on:
03 Sept 2026 10:03 am
Published on:
03 Sept 2026 10:03 am
