उन्होंने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे। उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।