
चखना सेंटर वाले के पक्ष में विधायक ने थाने में किया फोन तो मार खाने वाले सिपाहियों पर ही दर्ज हो गया FIR
रायपुर. Chhattisgarh Crime: पुलिस के कामकाज में नेताओं का इतना हस्तक्षेप बढ़ गया है कि उन्हें अपने ही जवानों के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ रहा है। कथित पीडि़त की ओर से की गई शिकायत पर एफआईआर की गई। साथ ही विभाग की ओर से भी कथित धमकी मिलने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। एक आरक्षक के खिलाफ दो दिन में दो एफआईआर दर्ज कराई गई।
मामला माना थाने का है। मंगलवार शाम को आरक्षक कल्याण सिंह बांधे और विकास पांडेय बनरसी शराब दुकान के आहाता में सामान खरीदने गए। सामान खरीदने के बाद वे लौट रहे थे। इतने में अहाता संचालक आस मोहम्मद ने पैसे नहीं देने का आरोप लगाते हुए उसे रोका। आरक्षक बांधे ने बताया कि उसने पैसे दे दिए हैं।
उसे गलतफहमी हो गई है। इसी बात का लेकर आस मोहम्मद और उसके बीच विवाद बढ़ गया। आस और उसके साथियों ने मिलकर आरक्षक की पिटाई कर दी। इस बीच आरक्षक विकास ने तत्काल डॉयल 112 को बुलाया और संचालक के खिलाफ शिकायत की। इसके बाद डॉयल 112 अहाता संचालक को पकड़कर माना थाने ले गई। आरक्षक बांधे की शिकायत पर आस मोहम्मद के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
विधायक ने किया फोन, सिपाहिया पर हो गया मामला दर्ज
सूत्रों के मुताबिक अहाता संचालक के पक्ष में एक विधायक ने थाने में फोन किया। इसके बाद थाने में मौजूद स्टाफ ने तत्काल मार खाने वाले सिपाहियों कल्याण और विकास के खिलाफ ही मारपीट और धमकी देने का अपराध कायम कर लिया। इस तरह पुलिस ने पीडि़त सिपाहियों के खिलाफ ही आरोपी की शिकायत पर अपराध दर्ज कर लिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी उसी विधायक से जुड़े लोगों ने थाने में जमकर हंगामा करके काउंटर केस दर्ज कराया था।
मुलाहिजा में एक खरोंच बस
सूत्रों के मुताबिक माना पुलिस ने अहाता संचालक की शिकायत पर सिपाहियों के खिलाफ मारपीट करने और धमकी देने का मामला कायम किया है, लेकिन मारपीट का कोई बड़ा चोट उसके शरीर पर नहीं है। मुलाहिजा में भी पीठ में एक मामूली खरोंच आई है, जबकि दूसरी ओर सिपाही कल्याण सिंह की मुलाहिजा में उनके सिर, हाथ-पैर व शरीर के अन्य स्थानों पर गंभीर चोटें आई हैं। इसके बावजूद पुलिस ने अहाता संचालक को पीडि़त बताकर उसकी शिकायत पर एफआईआर कर लिया है।
आरक्षक के खिलाफ एक और अपराध
शराब के अहाता में मारपीट की एफआईआर के बाद आरक्षक कल्याण सिंह पर पुलिस विभाग ने भी एफआईआर दर्ज करवा दी। इसमें पीटीएस के रोजनामचा मुंशी पूरन वैष्णव ने आरक्षक कल्याण पर कथित रूप से गाली-गलौज करने व गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
मुंशी पूरन के मुताबिक घटना वाली रात कल्याण अनुपस्थित था। रजिस्टर में अनुपस्थिति डालने से वह नाराज हो गया और उसे फोन करके गाली-गलौज करते हुए धमकी देने लगा। माना पुलिस ने आरक्षक कल्याण सिंह के खिलाफ धमकी देने का अपराध अलग से दर्ज किया है।
Published on:
18 Sep 2019, 10:08 PM IST
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