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सरकार ने लोगों की उम्मीदों को दिया बड़ा झटका, पिछले ​तीन महीनों में इतना बढ़ा गैस सिलेंडर का दाम

सरकार ने लोगों की उम्मीदों को दिया बड़ा झटका, पिछले तीन महीनों में इतना बढ़ा गैस सिलेंडर का दाम
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रायसेन

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Yogendra Kumar Sen

•

Updated: 9 Sep 2018, 12:27 PM IST

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सरकार ने लोगों की उम्मीदों को दिया बड़ा झटका, पिछले ​तीन महीनों में इतना बढ़ा गैस सिलेंडर का दाम

रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...
कीमतों की रिवाइज की छूट के बहाने पेट्रोलियम कंपनियों ने गैर सब्सिडी वाले रसोईगैस सिलेंडरों के दाम तीन महीनों में 145 रूपए बढ़ा दिए हैं। इससे न बल्कि गरीबों और मध्यम तबके के लोगों को एक बड़ा झटका दिया जा रहा है। इससे मई के महीने में 720 रू. से बढ़कर 828 रू.पहुंच चुकी है। वहीं बाजार के ढ़बों होटल और रेस्टोरेंटों में उपयोग होने वाला कामर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1427 रू.जा पहुंची है। इस तरह रसोईगैस की कीमतों में विधानसभा चुनाव के पहले राहत की उम्मीद कर रहे लोगों को तेजी से महंगाई कर बड़ा तगड़ा झटका दिया है। कीमतों की छूट की रिवाइज के बहाने सरकार ने गैर सब्सिडी रसोई गैस सिलेंडरों के दाम पिछले तीन महीनों में करीबन 145 रू.बढ़ा दिए हैं।

बाजार की समीक्षा पर गैस की कीमतें तय
केंद्र सरकार ने सब्सिडी के घाटे को कम करने की मंशा से पेट्रोलियम कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कीमतों के आधार पर हर महीने कीमतों को रिवाइज करने की छूट दे रखी है। इसी के आधार पर पेट्रोलियम कंपनियां हर महीने बाजार की समीक्षा कर गैस सिलेंडरों की कीमत तय करती हैं। सामान्य तौर पर इसें गैस सिलेंडरों की कीमतों में 5 से 10 रूपए की घट बढ़ हो रही है। लेकिन लगातार घाटे का बहाना बनाकर पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले तीन माह में एकमुश्त कीमत बढ़ा दी है। दरअसल गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत केवल 200 रूपए में गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। इन परिवारों को गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोत्तरी से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

सब्सिडी छोडऩा बना घाटे का सौदा
गरीब परिवारों को राहत दिलाने के नाम पर सामान्य हितग्राहियों से सब्सिडी सरेंडर कराई गई। सब्सिडी छोडऩे वाले ऐसे उपभोक्ताओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी करने से अब उनको दोहरा नुकसान उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दो सौं रू. में उज्जवला गैस योजना के तहत कनेक्शन लेकर गरीबों को अब 828 रूपए में रिफिल कराना पड़ रही है। ऐसी स्थिति में गरीबों को दोगुना कीमत चुकाना पड़ रही है।

सब्सिडी में भी लेटलतीफी
शहर के गैस उपभोक्ता जावेद कदीर, प्रवीण धर्माधिकारी, अनिल धवड़े, आरसी नागर, तरूणेश बामनगयां, रमा देवी धाकड़, प्रगति शर्मा, नेहा बानखेड़े, सविता देशमुख, अनीता शर्मा ने बताया कि कीमतों में बढ़ोत्तरी के साथ एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर सप्लाई व सब्सिडी में लेट लतीफी की परेशानी भी झेलना पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों से गैस की सब्सिडी कुद गैस एजेंसियों में बुकिंग के बाद छह से आठ दिनों के विलंब से बैंक खातों में ऑनलाइन तरीके से जमा हो रही है।

एक फिर कीमतें बढऩे की संभावनाएं
गैस एजेंसी संचालक मोहन लाल ललवानी,संजीत सिंह जाट ने बताया कि गैस कंपनियों द्वारा हर महीने कीमतें रिवाइज की जाती हैं। जून जुलाई के महीने से हर महीने गैससिलेडरों की कीमतें बढ़ रही हैं। बाजार के रूख से फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद कम है। लेकिन आगे कीमतें और भी बढऩ की संभावना बनीं हुई है।गरीब परिवारों को प्रधनमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत 200 रू. में गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। इन गरीब परिवारों को रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी भारी पड़ रही है। दो सौ रूपए में गैस कनेक्शन लेकर तीन गुना से भी अधिक 828 रू. में गैस टंकी रिफिल कराना पड़ रही है।