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गिट्टी क्रेशरों का नवीनीकरण नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

आदेश-गुना की घटना के बाद एनजीटी ने दिए सख्त आदेश
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रायसेन

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Deepesh Tiwari

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Updated: 17 Jul 2018, 5:46 PM IST

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गिट्टी क्रेशरों का नवीनीकरण नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...

प्रदेश के गुना जिले में गिट्टी क्रेशरों के खदान के पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी)ने इस बार भी कड़ा रूख अपनाया है। मालूम हो कि पिछले साल अक्टूबर महीने में भी गुना में ९ बच्चों की क्रेशर के गड्ढों में भरे हुए पानी में नहाते समय उसमें डूबने से मौतें हुई थी। रायसेन जिले की गिट्टी क्रेशर के खदानों में अब तक पिछले एक साल में एक महिला समेत आठ बच्चों की खदान के पानी में डूबने से मौत हो चुकी है।

इनमें कस्बा गढ़ी में एक ही मुस्लिम परिवार के तीन बच्चों की मौत भी गिट्टी क्रेशर के खदान के पानी में डूबने से हुई थी।तहसील गैरतगगंज के नजदीक समनापुर की गिट्टी क्रेशर के गड्ढों में दो बच्चे नहाते समय मर चुके हैं। इसके अलावा चिलवाहा, नयापुरा गोंदरा, वीरपुर, पांजरा, सेंचुरी एरिया गौहरगंज में भी तीन बच्चों की मौत गिट्टी क्रेशर के गड्ढों मेें भरे पानी में मौजमस्ती करते समय हो चुकी है।

माइनिंग महकमे के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेभर में करीब डेढ़ सौ गिट्टी के्रशर हैं। वहीं कम से कम ७-८ गिट्टी क्रेशर पैमत सर्किल के समीप अवैध रूप से धड़ल्ले से चल रही हैं। जिले में नियम कायदों के विपरीत चल रहे गिट्टी क्रेशरों को तुरंत को तुरंत बंद कराने के आदेश दिए हैं। एनजीपी के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आला अफसरों को दिए हैं। हालांकि जिला खनिज विभाग के अधिकारियों का यह कहना है कि गिट्टी क्रेशरों के आसपास सुरक्षा के मापदंडों का अब तक सत्तर फीसदी तार फेंसिंग कार्य कराए जा चुके हैं। लेकिन गिट्टी क्रेशरों की असलियत इसके ठीक उलट हैं।

दो महीनों का दिया समय
एनजीटी की अधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों को दो महीने का समय दिया है। तमाम नियम कायदों को ताक में रखकर चल रहे गिट्टी क्रेशरों की माइनिंग अमला दोबारा से जांच पड़ताल कर रिपोर्ट दो माह के भीतर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भेजी जाए। साथ ही मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल केअधिकारियोंको भी इन क्रेशरों की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों के पास उपस्थित दस्तावेजों के आधार रायसेन जिले में संचालित १५० गिट्टी क्रेशरों का कारोबार चल रहा है। इन सभी क्रेशरों की दोबारा से जांच-पड़ताल की जाना है।

नवीनीकरण नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई
जिन क्रेशर खदानों का नवीनीकरण मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए नियमों के मुताबिक नहीं हुआ है, उन पर भी कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान जिन गिट्टी क्रेशरों की बोल्डर खदानों का अनुपालन नए नियमों के अनुसार नहीं पाया जाएगा। उन पर कार्रवाई की जाना तय हो चुका है।

नियमों की अनदेखी कर की जा रही ब्लास्टिंग
जिले की अधिकांश गिट्टी क्रेशरों की बोल्डर खदानों में नियम कायदोंं की ताक पर रखकर ब्लास्टिंग मालिकों द्वारा धड़लले से कराई जा रही है। अभी तक अवैध ब्लास्टिंग की चपेट में आने से धनोरा के सुपरवाइजर लखन गौर सहित पांच अन्य छह लोगों की मौतें हो चुकी हैं। आखिरकार इन मौतों के प्रति जिम्मेदार कौन हैं? इसका फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। मृतक लखन गौर शिव शक्ति स्टोन क्रेशर नयापुरा गोंदरा में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि अभी तक ना तो जिम्मेदार अधिकारी ब्लास्टिंग होने के दौरान मौजूद रहते। जिससे की क्रेशर मालिकों के हौंसले बुलंद हैं।

नोटिस जारी कर दिया दो महीनों का समय
एनजीटी के आदेश के बाद मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के अधिकारियों के पास भी रायसेन जिले के १५० क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनको दो माह का समय दिया गया है। इस समयावधि के भीतर गिट्टी क्रेशर संचालकों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कराने होंगे।

विभाग के पास सभी मौजूद १५० गिट्टी क्रेशरों मालिकों को नोटिस भेजकर सूचना दी जा चुकी है। फिलहाल इन गिट्टी क्रेशरों की बोल्डर खदानों के के आसपास सत्तर फीसदी तार फेंसिंग क रवा दी गई है। दो महीनों के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी क्रेशर मालिकों के खिलाफ नियम अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
धनराज काटोलकर जिला माइनिंग अधिकारी रायसेन।