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टोकन के लिए भटकते रहे किसान, अंतिम चने की तुलाई कराने में किसानों को आई परेशानी

सर्वर डाउन होने से टोकन नहीं मिल सके टोकन
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रायसेन

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Deepesh Tiwari

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Updated: 10 Jun 2018, 12:51 PM IST

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टोकन के लिए भटकते रहे किसान, अंतिम चने की तुलाई कराने में किसानों को आई परेशानी

रायसेन। समर्थन मूल्य पर चना खरीदी का शनिवार को अंतिम दिन होने के साथ ही तुलाई कराने के लिए किसान दिन भर परेशान होते रहे। क्योंकि किसानों को टोकन नहीं मिल सके थे। इस कारण शनिवार शाम तक उपज की तुलाई नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से टोकन नहीं दिए गए। परेशान किसान कलेक्टर भावना वालिम्बे से शिकायत करने पहुंचे। कलेक्टर ने टोकन जारी कराने के लिए खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए। इसके बाद खाद्य विभाग कार्यालय से किसानों को टोकन दिए गए। तब जाकर तुलाई सुचारु रूप से शुरू हो सकी। जबकि कृषि उपज मंडी स्थित कम्प्यूटर केन्द्र से किसानों को टोकर जारी नहीं हो पाए थे।

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गौरतलब हो कि शनिवार को चना, मसूर खरीदी का अंतिम दिन है। वहीं शहर में कृषि उपज मंडी परिसर खरीदी केन्द्र सहित जिले भर में खरीदी केेन्द्रों पर किसान तुलाई के लिए इंतजार करते रहे। इन दिनों बारिश का दौर भी शुरू हो चुका है। वहीं किसान ट्रॉली में उपज लेकर खुले मैदान में एक से दो दिनों तक इंतजार करते रहे। शहर में शाम चार बजे के लगभग हुई बारिश के दौरान केन्द्र पर तौला जा रहा चना पूरी तरह से भीग गया। इससे किसान खासे चिंतित दिखाई दिए। क्योंकि उपज की पूरी तुलाई नहीं हो सकी। ऐसे में केन्द्र प्रभारी और खरीदी देख रहे कर्मचारियों ने भी भीगे चने को खरीदने में आनाकानी करते रहे।

कैसे बिकेगी उपज
मंडी परिसर में चना बेचने आए निसद्दीखेड़ा गांव के किसान हुकुम सिंह साहू, अंडोल के तोरण सिंह लोधी, नकतरा के अर्जुन सिंह आदि ने बताया कि चना बेचने के लिए शुक्रवार सुबह से मंडी परिसर में आए हैं। लेकिन अब तक टोकन नहीं मिला। अब शनिवार को खरीदी का अंतिम दिन है, ऐसे में उपज कैसे बिकेगी। क्योंकि सुबह से ही आसमान पर बादल छाए हुए हैं।

दोहरी नुकसान झेल रहे किसान
किराए के टै्रक्टर-ट्रॉली में उपज लेकर बेचने आए किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। मंडी खरीदी केन्द्र पर किसानों से ५० किलो की बोरी में ९०० ग्राम अधिक चना तौला जा रहा है। जबकि खाली बोरी का वजन ६०० ग्राम बताया जा रहा है। इसके बाद भी तीन सौ ग्राम ज्यादा उपज तौली जा रही है। सगोनिया के किसान राजकुमार ने बताया कि तुलाई के अंतिम समय में बचने वाली पांच किलो से ४९ किलो तक चना, मसूर की उपज को हम्माल-तुलैए नहीं तौलते हैं। पूरे मैदान में बिखेर कर अपनी-अपनी बारी से बोरियों में भर लिया जाता है।

किसानों को परेशान किया जा रहा
भुंआरा के किसान शहादत खान, नरवर के दिनेश चौकसे, कमका तेंदुपुर के किसान अमर सिंह ने बताया कि खरीदी केन्द्रों पर चना बेचने आने वाले किसानों को टोकन और तुलाई का नंबर आने के नाम पर परेशान किया गया। खरीदी केन्द्रों पर भीड़ ज्यादा नहीं होने के बाद भी किसानों को दो दिनों तक तुलाई कराने के लिए परेशान होना पड़ा।

खुले में रखा है खरीदा गया चना
नागरिक आपूर्ति निगम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब चना बेचने के लिए ४९९३५ किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से ३४०४९ किसानों ने एक लाख तीन हजार ६३६ मीट्रिक टन चना बेचा है। जबकि ९५ हजार ९७६ मीट्रिक टन चने का परिवहन किया गया है। जबकि ७६६० मीट्रिक टन यानि ७६ हजार ६०० क्विंटल चना अभी खुले मैदान में परिवहन के इंतजार में रखा है। इसी तरह एक लाख तीन हजार ४८६ मीट्रिक टन मसूर की खरीदी की गई। इसमें से आठ हजार ९२९ मीट्रिक टन मसूर का परिवहन किया गया और ४५५७ मीट्रिक टन यानि ४५ हजार ५७० क्विंटल मसूर परिवहन के लिए खुले में रखी है।

चना, मसूर खरीदी का शनिवार को अंतिम दिन था। जिन किसानों को अंतिम दिन टोकन प्राप्त हुआ है। उनकी उपज अनिवार्य रूप से खरीदी जाएगी। सर्वर डाउन रहने से किसानों को टोकन मिलने में असुविधा हुई थी। लेकिन बाद में सर्वर चालू होने पर टोकन दिए गए थे।
उमेश शर्मा, मंडी सचिव रायसेन।