
मौसम विभाग ने पांच दिन तक बारिश के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें रायसेन जिले में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। हालांकि पहले दिन शनिवार को मौसम खुला रहा और धूप भी निकली। मौसम खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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मगर शनिवार-रविवार की देर रात मौसम एक बार फिर गरज चमक के बीच घंटों भारी बारिश होती रही, जिससे रायसेन शहर में पापी-पानी हो गया। रविवार को सुबह से दोपहर तक मौसम खुला रहा। उधर किसानों का भी कहना है कि अगर मौसम खुला नहीं तो काफी नुकसान हो जाएगा। शुक्रवार को मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया था कि पांच दिनों तक बारिश होगी और इस दौरान करीब चार से पांच इंच बारिश दर्ज की जा सकेगी।
अब बारिश से फ सलों को होगा नुकसान
अब फ सलों को बारिश से नुकसान होना शुरू हो गया है। यदि अब फिर लगातार बारिश बनी रहती है, तो फ सलों को और नुकसान होगा। वैसे ही किसान हर रोज सोयाबीन में अफ लन की स्थिति पर खेतों से काटकर फसल अधिकारियों को दिखाने ला रहे हैं। कई जगह सोयाबीन की फ सल को अधिक नुकसान हो चुका है। अब यदि मौसम नहीं खुलता है, तो नुकसान का प्रतिशत बढ़ता ही जाएगा।
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बारिश से कई घरों को नुकसान
वैसे रविवार को किसानों व आम लोगों ने मौसम खुलने पर राहत की सांस ली है। शहर निचले इलाकों में बारिश का पानी भरा जाने से कच्चे घर ढह गए। वहीं दीवारें भी ढह गईं। तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक तहसीलदार सुशील कुमार ने बताया कि अब तक 106 कच्चे घरों में पानी घुसने से गरीब परिवारों को काफी नुकसान हो चुका है। इन लोगों ने दफ्तर में आवेदन भी दिए हैं। वहीं कच्चे घरों की दीवारें भी गिरी हैं। इसीलिए हमने कस्बा पटवारी कन्हैयालाल चंद्रवंशी को नुकसान का सर्वे कराने के आदेश दिए हैं, ताकि गरीबों को राहत राशि जल्द दी जा सके।
नगर के वार्ड 3 फौजदारपुरा निवासी गरीब वृद्धा धनियाबाई के कच्चे घर में बारिश का पानी प्रवेश कर जाने पर पिछले हिस्से की दीवारें धराशाई हो चुकी हैं। इससे उसे करीब 18 हजार का नुकसान हुआ है। इसी तरह शहर के कच्ची मस्जिद वार्ड 2 रायसेन क्षेत्र निवासी भैयालाल विश्वकर्मा के कच्चे दो मंजिला घर की दीवारें गिर गईं। समीप ही हाथी दरवाजे का पुराना हिस्सा बारिश में गिर चुका है। पार्षद इमरान खान द्वारा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वार्ड 7 रायसेन निवासी भूरे खान टेलर के घर की दीवार भी भरभराकर गिर गई है।
कलियासोत डैम के दो गेट खुले, पग्नेश्वर पुल पर फिर आया पानी
रायसेन. देरी से आया मानसून अब जिले में इस तरह बरस रहा है कि जलाशय फुल हो गए। मगर इससे जहां आमजनजीवन भी प्रभावित होने लगा है, वहीं अधिक पाने से फसलों पर खतरा मंडराने लगा है। जी हां, पिछले सप्ताह हुई झमाझम बारिश से बेतवा नदी का पग्नेश्वर पुल जलमग्न रहा था। लगभग पांच दिनों तक पुल से आवागमन नहीं हो सका था। इस दौरान रायसेन-सांची रोड भी बंद रहा था। अब रविवार को फिर वही स्थिति बन गई। शनिवार रात को भोपाल सहित मंडीदीप के आसपास तेज बारिश हुई।
इस कारण रविवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे कलियासोत डैम के दो गेट खोल दिए गए। इससे बेतवा नदी का जल स्तर बढ़ गया और रायसेन-सांची-विदिशा के बीच स्थित पग्नेश्वर नदी का पुराने पुल के ऊपर से करीब दो फीट पानी बहने लगा, जिससे रायसेन से सांची जाने वालों की राह कठिन हो गई। उन्हें विदिशा होते हुए सांची पहुंचना पड़ा। हालांकि रविवार शाम तक पग्नेश्वर पर पुल आधा फीट पानी कम हुआ। मगर वाहनों का आवागमन चालू नहीं हो सका। रायसेन शहर में भी शनिवार-रविवार रात करीब 12 बजे से एक बजे तक तेज बारिश हुई।
Updated on:
2 Sep 2019, 1:25 PM IST
Published on:
2 Sep 2019, 1:25 PM IST
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