
लापरवाही से मौत होने का आरोप (photo source- Patrika)
CG News: बसंतपुर स्थित शुक्ला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई महिला के मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन और कांग्रेसी नेताओं ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। बेटा मृत मां की तस्वीर लेकर न्याय की गुहार लगाता रहा। सीएमएचओ कार्रवाई की बात करना छोड़कर दूसरे डॉक्टरों से जांच कराने का हवाला देकर टालमटोल करते रहे।
इस दौरान आक्रोशित युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर सहित जिलेभर में निजी अस्पतालों की मनमानी और कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग की खानापूर्ति को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन भी किया। बालोद जिले के देवरी थाना अंतर्गत ग्राम रिवागहन निवासी 46 वर्षीय महिला द्रौपदी साहू ने बच्चेदानी का ऑपरेशन कराया।
जब वह 6 अक्टूबर को टांका खुलवाने पहुंची, पेट में इन्फेक्शन के चलते अस्पताल में उसका फिर ऑपरेशन किया, लेकिन इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और 9 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। इस मामले की शुरुआती जांच में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल के गायनिक ऑपरेशन थियेटर का सीज करने की कार्रवाई करते हुए सप्ताहभर में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी ने कहा कि शुक्ला अस्पताल में इलाज के नाम पर लापरवाही बतरने का यह पहला मामला नहीं है। निजी अस्पतालों में नर्सिंग होम एक्ट का पालन नहीं हो रहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच के नाम पर लीपापोती कर रहे हैं। आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों से अधिकारियों की सांठगांठ है।
CG News: शहर के आरके नगर में संचालित स्पर्श चाइल्ड केयर अस्पताल में नवजात शिशु का आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं करते हुए 70-80 हजार बिल थमा दिया गया। परिजनों ने मामले की शिकायत मंगलवार को मुय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की। सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने मामले की जांच के लिए तत्काल तीन सदस्यीय जांच दल गठित करते हुए अस्पताल भेजने की बात कही।
साथ ही बच्चे की जांच के लिए जिला अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर को भेजा गया। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिलाया कि किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डोंगरगढ़ निवासी विकास सिन्हा ने बताया कि वह अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए डीएनए अस्पताल में भर्ती कराया था।
वहां प्रसव के बाद बच्चा रोया नहीं, उसे सांस लेने में दिक्कत की समस्या पर स्पर्श चाइल्ड केयर यूनिट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आयुष्मान कार्ड से इलाज और प्राइवेट इलाज में अंतर होना बताया। डरे सहमे परिजनों ने नकद राशि से बच्चे की इलाज कराने राजी हुए, तो अब तक बच्चे के उपचार में 70-80 हजार रुपए खर्च हो गया है, इसके बाद भी बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं आया है।
CG News: सीएमएचओ डॉक्टर नेतराम नवरतन ने कहा कि संबंधित अस्पताल में बच्चे का उपचार आयुष्मान कार्ड से क्यों नहीं किया गया। इसकी जांच कराई जा रही है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर को भेजकर बच्चे की समस्या की समस्या और अब तक हुए इलाज के संबंध में जानकारी ली जा रही है। यदि किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अस्पताल के ािलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. नेतराम नवरतन, सीएमएचओ: शुक्ला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई महिला की मौत मामले की जांच चल रही है। ऑपरेशन थियेटर का कल्चर रिपोर्ट नार्मल आया है। अब पीएम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें इलाज में हुई लापरवाही का खुलासा हो जाएगा। तात्कालिक तौर पर अस्पताल के गायनिक विभाग के ऑपरेशन थियेटर को सील किया गया था। पहले गठित समिति ने उच्च स्तरीय जांच की अनुशंसा की है।
Updated on:
29 Oct 2025 04:04 pm
Published on:
29 Oct 2025 04:03 pm
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