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यहां 18 दिन में ही बदला पीएमओ तो सोनोग्राफी मशीन चालू होते ही हो गई बंद

RK Hospita Rajsamand रमेश रजक को राजसमंद के आरके जिला अस्पताल की जिम्मेदारी, डॉ. सतीश सिंघल नाथद्वारा जाएंगे, 31 नवम्बर को डॉ. पुरोहित की सेवानिवृत्ति के समय से चल रही कुर्सी की रस्साकसी
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RK Hospita Rajsamand चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जयपुर ने आरके जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को महज 18 दिन में फिर से बदल दिया है। डॉ. सतीश सिंघल को हटाकर उनकी जगह डॉ. रमेश रजक को नया पीएमओ बनाया गया है।

निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, रविप्रकाश माथुर ने सोमवार को जारी आदेश के तहत प्रमुख विशेषज्ञ (सर्जरी) डॉ. रमेश रजक को राजकीय चिकित्सालय कार्यालय का पदभार सौंप दिया। आदेश में लिखा है कि इस कार्यालय की आहरण वितरण अधिकारी की शक्तियां सामान्य वित्त एवं लेखा नियम-3 क के तहत अस्थाई तौर पर अग्रिम आदेशों तक उनके पास रहेगी।

इससे पहले गत 31 नवम्बर को डॉ. ललित पुरोहित के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद नाथद्वारा राजकीय जिला अस्पताल के उप नियंत्रक डॉ. सतीश सिंघल ने आरके अस्पताल के पीमएओ पद पर विभागीय आदेशानुसार ज्वॉइनिंग दी थी। डॉ. पुरोहित के रिटायर्ड होने के पहले से ही इस कुर्सी पर बैठने को लेकर रस्साकसी शुरू हो गई थी। बताया गया कि एक खेमा वरिष्ठता के आधार पर डॉ. रजक को पीएमओ बनाने के पक्ष में लामबंदी कर रहा था, लेकिन विभाग ने डॉ. सिंघल को जिम्मेदारी दे दी थी।

सुबह सोनोग्राफी मशीन का उद्घाटन, शाम को हटाया
डॉ. सिंघल ने जिला अस्पताल में ज्वॉइन करने के बाद मातृ एवं शिुश चिकित्सा इकाई में अलग से सोनोग्राफी मशीन की जरूरत महसूस कर उसकी स्थापना करवाई। सोमवार को ही उन्होंने विधायक दीप्ति माहेश्वरी के हाथों उद्घाटन भी करवाया था। इधर, शाम को उन्हें हटाकर डॉ. रजक को नया पीएमओ बनाने के आदेश आ गए। हालांकि डॉ. सिंघल के 31 नवम्बर को जारी आदेश में भी उन्हें अस्थायी जिम्मेदारी ही दी गई थी। अब डॉ. सिंघल फिर से अपने मूल पदस्थापन स्थान नाथद्वारा अस्पताल के लिए मंगलवार को रिलीव हो सकते हैं

अस्पताल में चर्चाओं का दौर
महज 18 दिन में पीएमओ बदलने की अस्पताल और चिकित्सा महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनाना अस्पताल में शुरू सोनोग्राफी मशीन के उद्घाटन के साथ ही ताले लगना तय है। हालांकि मुख्य अस्पताल भवन में सोनोग्राफी मशीन संचालित है, जिसे डॉ. सुधीर यादव चलाते हैं, वहीं नाथद्वारा अस्पताल में डॉ. सतीश सिंघल के जाने से दो सोनोलॉजिस्ट हो जाएंगे। राजसमंद में लगाई गई दूसरी मशीन को चलाने के लिए अब नए विशेषज्ञ की दरकार रहेगी।