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Highlights- यतीमखाने की जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों को बेघर करने का मामला- आजम खान के अधिवक्ता ने जिला अदालत में लगाई थी जमानत याचिका- सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश ने खारिज की याचिका
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रामपुर. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कद्दावर नेता व सांसद आजम खान (Azam Khan) जहां एसआईटी (SIT) के सवालों से घिर गए हैं। वहीं शनिवार को जिला अदालत ने आठ मुकदमों में आजम खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि आजम के अधिवक्ता ने जिला अदालत अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे, जिस पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अब आजम खान अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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बता दें कि रामपुर (Rampur) में यतीमखाने की जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों को उजाड़ने और उनकी भैंस-बकरी चोरी करने और घर में रखी नगदी-ज्वेलरी लूट के आरोप में आजम खान के खिलाफ पिछले माह पीड़ितों ने नगर कोतवाली में केस दर्ज कराए थे। उन्ही मुकदमों में आजम खान के वकील ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे जिला न्यायाधीश की अदालत से खारिज कर दिया है।

दरअसल, यतीमखाने की जमीन पर 42 परिवार नवाबों के जमाने के समय से रह रहे थे, लेकिन 15 अक्टूबर 2013 को अचानक पुलिस फोर्स वहां पहुंची आैर लोगों को उनके घर से निकालकर बाहर कर दिया गया। इसका विरोध करने पर उन्हें बंधक बनाकर पुलिस की जिप्सी में बिठा लिया गया। इस मामले में पिछले माह कई लोगों ने नगर कोतवाली में तत्कालीन मंत्री आजम खान पर आरोप लगाते हुए ये केस दर्ज कराए थे। इन मामलों में आजम खां और पूर्व सीओ समेत कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराए गए हैं।

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