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बिजली जाने पर नहीं चलाया जेनरेटर तो ऑक्सीजन की कमी से हाे गई दो लोगों की माैत

Oxygen in rampur जिला अस्पताल में कुछ ही देर दो लोगों की मौत हो गई। अस्पताल में पूरी तरह से ऑक्सीजन का भंडार था लेकिन परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत हुई है। अब इस मामले पर आप क्या कहेंगे

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Oxygen in rampur

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

रामपुर Oxygen in rampur जिला अस्पताल में डॉक्टर मरीजों के साथ लापरवाही कर रहें हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि अस्पताल में मरने वालों के परिजन यह आरोप लगा रहे हैं। रामपुर के जिला अस्पता में पांच घंटे में महिला समेत दो रोगियों की मौत हो गई। दोनों के परिजनों ने जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर्स पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

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नगर कोतवाली का शख्स अपनी 45 वर्षीय पत्नी को सुबह दस बजे जिला अस्पताल इलाज कराने लाया था जहां शाम चार बजे उसकी मौत हो गई। 50 वर्षीय साईं मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। शाम को करीब साढ़े चार बजे उसे भर्ती कराया तो रात साढ़े आठ बजे उसकी भी मौत हो गई। दोनों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी है साथ ही ऑक्सीजन स्टॉक भी है बाबजूद इसके रोगियों को ऑक्सीजन नहीं मिली।

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मरने से पहले एक मरीज ने बताया बिजली चली जाए तो काफी देर बाद जेनरेटर चालू किया जाता है। इस अवधि में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होने से मेरा ऑक्सीजन लेवल बिगड़ जाता है। पत्रिका रिपोर्टर को रात आठ बजे इस रोगी ने अपनी व्यथा और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का जिक्र किया और रात दस बजे इस रोगी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। मरने से पहले इस रोगी ने बताया था कि बिजली जाने के बाद जब तक जेनरेटर स्टार्ट नहीं होता तब तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं मिल पाती।

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महिला के पति बताया कि सुबह पत्नि को अस्पताल भर्ती कराया था। शाम होने से पहले ही अस्पताल ने उन्हे डेडबॉडी थमा दी। आरोप लगाया कि यहां पर इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलबाड़ किया जा रहा है। आक्सीजन नहीं मिलने के कारण मौत हो गई।

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