
पेंटिंग से रेलवे स्टेशन को सुंदर बना रही बेटियां
रतलाम। सुबह का समय, ७ बज रहे थे। हाथ में मोबाइल व कान में इयरफोन के बजाए इनके हाथ में तुलिका थी व मन में वो चित्र जो इनको अपने रेलवे स्टेशन को सुंदर बनाने के लिए बताया गया था। ये नजारा था रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह का। यूथ पाठशाला फाउंडेशन ने जो स्टेशन सौदर्यीकरण योजना में कार्य की शुरुआत की, उसी को हमारी बेटियां आगे बढ़ा रही थी।
नीमच से हुई थी शुरुआत
रेलवे स्टेशन पर सौदर्यीकरण करने की योजना की शुुरुआत रेलवे के साथ मिलकर यूथ पाठशाला ने की। पूर्वी भारत के बाद इस संस्था ने पश्चिम रेलवे में कार्य की शुरुआत नीमच से की। नीमच के बाद रतलाम व मंदसौर में सौदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। संस्था के साथ दो से तीन वर्षों से जुड़ी हमारी बेटियां देश के कौने-कौने में जाकर अपनी संस्कृति की अनूठ छटा को बिखेर रही है।
ये शामिल है दल में
इन बेटियों में ऋतु सोमानी, अंतरा लोखंडे, ज्योतिसिंह व दिव्यांशी पंवार शामिल है। ये बेटियां कुछ दिन पूर्व तक मंदसौर शहर व रेलवे स्टेशन पर सौदर्यीकरण का कार्य कर रही थी। रतलाम का कार्य अधूरा था तो अब यहां आ गई है। सुबह ७ बजे से ११ बजे तक व शाम को ५ बजे से रात ९ बजे तक हाथ में तुलिका लिए भारत की संस्कृति को उकेर रही है।
स्टेशन को साफ रखे
हम बेटियां है, हम सौदर्यीकरण का कार्य कर रही है। यात्रियों से निवेदन है कि हमारे कार्य की इज्जत स्टेशन को साफ रखकर करें।
- ऋतु सोमानी, तुलिका उकेरते हुए कलाकार
Published on:
22 May 2018, 5:35 PM IST
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