
रतलाम। सरकार ने सोशल मीडिया पर पुेक न्यूज चलाने वाले या डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की शुरुआत कर दी है। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक बड़ी पार्टी के नेता द्वारा सोशल मीडिया पर दुर्घटना व उससे हुई अनेक लोगों के हताहत की डाली गई पोस्ट के बाद बड़ी कार्रवाई पुलिस ने नेताजी के खिलाफ कर दी है। अब पुलिस एेसे लोगों को ताबड़तोड़ गिरफ्तार कर रही है जो इस प्रकार की हरकत करते हैं।
किसी को सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट करने के लिए जेल भी जाना पड़ सकता है, यह किसी ने सोचा भी नहीं होगा। खासकर तब जब यह पोस्ट किसी राजनैतिक पार्टी का दमदार लीडर कर रहा हो। ये कोई आम आदमी नहीं है। ये हैं कांग्रेस में जावरा नगर पालिका के नेता। इनकी शहर में अच्छी खासी पैठ है, लेकिन सोशल मीडिया पर इनके मोबाइल से वायरल हुई पोस्ट ने पूरे जिले में इनकी किरकिरी कर दी। पोस्ट वायरल होकर पुलिस और प्रशासन तक पहुंची तो तुरंत हरकत में आई पुलिस ने नेताजी को दबोच लिया। नेता के खिलाफ केस दर्ज कर इनको कारागार में ठंूस दिया गया। उनकी गिरफ्तारी की खबर लगते ही दिल्ली से भोपाल तक हड़कंप मच गया है।
यह है पूरा मामला
दरअसल सोमवार को रतलाम जिले के नामली कस्बे में एक दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हुए थे। नेता जी सोशल मीडिया पर 22 लोगों की मौत की खबर पोस्ट कर दी। वाट्सऐप के ग्रुप सहित फेसबुक सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर इसे वायरल कर दिया। इतनी बड़ी दुर्घटना की खबर वायरल होते ही पूरे पुलिस और प्रशासन के कान खड़े हो गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने अमले को तुरंत मौके पर रवाना किया लेकिन वहां घटना के कोई सुराग नहीं मिले। इसके बाद खबर वायरल करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू हुई और नेताजी को दबोच लिया गया।
यह किया था मैसेज
नामली थाना पुलिस ने बताया कि सोमवार को नामली क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था, लेकिन एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल से मैसेज चलाया कि नामली में हाइवे के समीप खतरनाक दुर्घटना हुई है, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई है और 11 लोग गंभीर रूप से घायल है। उक्त मैसेज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, जिससे इनके परिजनों तक सूचना पहुंच जाए। यह मैसेज नामली थाना प्रभारी आरसी कोली के मोबाइल पर भी पहुंचा तो वे चौंक गए। सूचना झूठी मिलने पर आरोपी के खिलाफ मोबाइल नंबर के केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि उक्त मोबाइल नंबर जावरा नगर पालिका में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष व वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद मोहम्मद मुस्तकीम का है। इसी आधार पर देर शाम को उसे गिरफ्तार कर आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कांग्रेस नेता ने लोगों तक झूठी खबर फेसबुक व वाट्सऐप के कई ग्रुपों में भेजी, जिसके चलते पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ कार्रवाई की है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
सोशल मीडिया पर पुलिस-प्रशासन अब और सख्त हो गया है। फेसबुक, वाट्सएप पर भड़काऊ भाषण व पोस्ट डालने वालों को अब पुलिस नोटिस देने के बजाए सीधे उनके खिलाफ केस दर्ज कर रही है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को भी प्रकाश में आया था, जिसके चलते माणक चौक थाना पुलिस ने साम्प्रदायिक भावना भड़काने से जुड़ी एक पोस्ट फेसबुक पर डालने वाले के खिलाफ केस दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर नजर रखने वाली पुलिस की विशेष टीम को शनिवार दोपहर फरीद खान नाम से चल रही फेसबुक आईडी से साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर नजर आई, जो कि चांदनी चौक तरफ से की जाने की बात सामने आई। इस पर माणक चौक थाना पुलिस ने तत्काल संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब उक्त आईडी को संचालित करने वाले शख्स को तलाश रही है, पुलिस की माने तो वह जल्द ही इसे गिरफ्तार कर लेगी।
आपत्तिजनक पोस्ट पर 19 को दिए नोटिस
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में पुलिस ने बीते एक पखवाड़े के दौरान करीब डेढ़ दर्जन लोगों को नोटिस जारी किए है। इनमें रतलाम के साथ ही इंदौर, उज्जैन व अन्य जिलों के वे लोग शामिल है, जिनके द्वारा फेसबुक, वाट्सएप व अन्य सोशल साइड पर जाकर धार्मिक, साम्प्रदायिक भावना भड़काने जैसी पोस्ट की गई थी। पुलिस ने सभी को एसपी कार्यालय बुलाकर स्पष्टीकरण लेने के साथ ही उनसे शपथ पत्र भी भरवाए है।
चार दिन पहले भी की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर धर्म विशेष पर टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने तीन दिन पहले भी एक युवक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले में नामली निवासी सोनू जायसवाल को गिरफ्तार किया था, जिसके द्वारा 19 अप्रैल को फेसबुक पर धर्म विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके चलते पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। जावरा में कुछ दिन पूर्व नगर पालिका क सांसद प्रतिनिधि मोहन पटेल ने भी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर ऐसी डाल दी थी, जिससे लोग भड़क जाए। पुलिस की इस पर नजर पड़ी तो पुलिस ने तत्काल इस पर कार्रवाई कर पोस्ट हटाते हुए नोटिस भी जारी किया था।
Published on:
24 Apr 2018, 7:34 PM IST
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