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हिंदू नववर्ष संवत्सर 2076…कैसा होगा आपके जीवन पर असर, यहां पढ़े पूरी खबर

हिंदू नववर्ष संवत्सर 2076...कैसा होगा आपके जीवन पर असर, यहां पढ़े पूरी खबर
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 2 Apr 2019, 12:59 PM IST

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हिंदू नववर्ष संवत्सर 2076...कैसा होगा आपके जीवन पर असर, यहां पढ़े पूरी खबर

रतलाम। 6 अप्रैल से शुरू होगा हिंदू नव वर्ष संवत्सर 2076, सवत्सर है। इस संवत्सर का नाम परिधावी, शनिवार से शुरू होगा नया साल इसलिए शनि होंगे इस साल के राजा और सूर्य मंत्री। पंचांगीय गणना के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ होता है। इस बार ये 6 अप्रैल से होगा। इस संवत्सर का नाम परिधावी है यह 46वां सवत है इस दिन रेवती नक्षत्र रहेगी। जिस दिन से संवत्सर की शुरुआत होती है, वह दिन या दिनाधिपति उस वर्ष का राजा होता है। शनिवार के दिन के मान से इस साल के राजा शनि होंगे। इस सवत में तीन सवत आएंगे जिसके नाम रहेंगे परिधावी, प्रमादी और आनंद परन्तु संकल्प में अभी परिधावी ही उच्चारित किया जायेगा। इस सवत में एक चन्द्रग्रहण जो 16 जुलाई तथा एक सूर्यग्रहण जो 26 दिसंबर को भारत के साथ अन्य कुछ देशो में दिखाई देंगे।

पड़ोसी राष्ट्रों के मध्य अस्थिरता से परेशानी आएगी

ज्योतिषाचार्य पं. सोमेश्वर जोशी के अनुसार, ये हिंदू नव वर्ष मिश्रित फल देने वाला होगा। राजनीतिक परिवर्तन होंगे। भूमिए भवन संपत्ति के मान से सकारात्मक परिवर्तन दिखेंगे। सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यों के स्तर पर गिरावट दिखाई देगी। बारिश का प्रभाव मध्यम रहेगा। खेती अनुपातिक ही होगी। पड़ोसी राष्ट्रों के मध्य अस्थिरता से परेशानी आएगी। नए साल की शुरुआत रेवती नक्षत्र में होने से प्रकृति संतुलन बना रहेगा। रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र हैए जिसका अधिपति पुषा है। ऋग्वेद की मान्यता के अनुसार यह प्रकृति के संतुलन का देवता है।

ये होगा ग्रहों का इस साल पर असर

राजा शनि- जनमानस आध्यात्म की अनुभूति करेगा। बारिश के नजरिए से प्राकृतिक प्रभाव परेशानी उत्पन्न करेगा।
मंत्री सूर्य- पूर्वोत्तर में उत्तम कृषि तथा धान्य की स्थिति में सुधार होगा। फलों का अधिक उत्पादन होने से रस पदार्थों में मंदी रहेगी।
सदयेश मंगल-पशुधन पर संकट रहेगा। संक्रमण का प्रभाव बढ़ेगा। दक्षिण के कुछ प्रांतों में पेयजल संकट होगा। सामाजिक अस्थिरता, हिंसात्मक घटनाएं होंगी।
धान्येश चंद्र- बारिश में आध्यात्मिक अनुष्ठान से स्थिति अच्छी होगी। पशुधन की सुरक्षा का का लाभ मिलेगा।
रसेस गुरु-श्रावण व भादौ में जल की स्थिति अच्छी रहेगी। जल स्रोत लबालब रहेंगे। औषधियों का उत्पादन बढ़ेगा।

मुख्य त्योहार

6 अप्रैल. गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्र शुरू
17 अप्रैल. महावीर जयंती,
19 अप्रैल. हनुमान जयंती,
16 जुलाई. गुरु पूर्णिमा,
5 अगस्त. नागपंचमी,
15 अगस्त. रक्षाबंधन,
23 अगस्त. जन्माष्टमी,
2 सितंबर. हरतालिका तीज,
3 सितंबर. गणेश चतुर्थी गणेशोत्सव
12 सितंबर. अनंत चतुदर्शी,
13 सितंबर. श्राद्धपक्ष प्रारंभ
28 सितंबर. सर्व पितृ अमावस्या
29 सितंबर. शारदीय नवरात्रि
8 अक्टूबर. दशहरा
17 अक्टूबर. करवा चौथ
27 अक्टूबर. दीपावली