
Corona awe among homeowners in bhilwara
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम में कोरोना वायरस के संभावित इलाज के लिए हाईड्रोथ्सीक्लोरीक्वीन सल्फेट नाम की टेबलेट का निर्माण शुरू हुआ है। India के 27 प्रदेशों में संक्रमितों के इलाज में यही टेबलेट काम आ रही है। इस दवा को अमेरिका ने मंगाना चाहा तो इसके निर्माण करने वाली कंपनी इप्का ने यह कहकर इंकार कर दिया कि पहली जरुरत भारत है। रतलाम में बने बेस रॉ मटेरियल से सिक्किम प्लांट ने 91 लाख टेबलेट बनाकर सरकार को उपलब्ध करवाई है। इस टेबलेट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से लेकर मध्यप्रदेश की शिवराजसिंह चौहान सरकार ने निर्माण का ऑर्डर दिया है।
कोराना वायरस मरीजों के लिए इप्का कंपनी ने अब तक करीब 91 लाख टैबलेट बनाकर सरकार को दिया है। इसमे 75 लाख टेबलेट केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को दी है तो शेष 16 लाख टैबलेट मध्यप्रदेश की शिवराजसिंह चौहान सरकार को उपलब्ध करवाई है। बड़ी बात यह है कि दुनिया में अमेरिका में जहां इस बीमारी के सबसे अधिक मरीज सामने आए है वो देश भी इस कंपनी से टेबलेट मांग रहा है, लेकिन कंपनी ने साफ कर दिया है कि पहली जरुरत भारत में मरीजों को स्वस्थ्य करना है। इस टेबलेट क? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ? के नेतृत्व वाली सरकार से लेकर मध्यप्रदेश की शिवराजसिंह चौहान सरकार ने निर्माण का ऑर्डर दिया है।
24 घंटे चल रहा है काम
इप्का में 24 घंटे लगातार अलग-अलग पाली में दवा बनाने का कार्य चल रहा है। कंपनी के उपाध्यक्ष दिनेश सियाल के अनुसार केंद्र सरकार की मांग पर प्राथमिकता से इस दवा को बनाया जा रहा है। इसके लिए कंपनी के सिक्किम, महाड़, इंदौर व रतलाम में बने हुए प्लांट में कर्मचारी लगातार 24 घंटे कार्य कर रहे है। कंपनी के अनुसार उनके पास कोरोना वायरस के संक्रमण को समाधान के लिए होने वाली टेबलेट निर्माण के लिए जरूरी सामग्री का 45 दिन का स्टॉक फिलहाल उपलब्ध है। इस टेबलेट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से लेकर मध्यप्रदेश की शिवराजसिंह चौहान सरकार ने निर्माण का ऑर्डर दिया है।
Updated on:
29 Mar 2020 10:29 am
Published on:
29 Mar 2020 10:29 am
