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युवती के परिजनों पर चाकू से जानलेवा हमले में दो को दस साल की सजा

युवती के परिजनों पर चाकू से जानलेवा हमले में दो को दस साल की सजा  
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रतलाम

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Virendra Singh Rathore

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Updated: 28 Sep 2018, 12:52 PM IST

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युवती के परिजनों पर चाकू से जानलेवा हमले में दो को दस साल की सजा

रतलाम। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश तरूण सिंह की कोर्ट ने चाकू वार से जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपियों को दस-दस वर्ष कठोर कारावास की गुरुवार को सजा सुनाई है।

लोक अभियोजक सुभाष जैन ने बताया कि फरियादी वेदव्यास कॉलोनी निवासी फरहान पिता अकरम खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 मार्च 2014 को उसकी बड़ी खाला का लड़का इमरान उसके घर आया था। उस समय उसके मामा मुबारिक की लड़की रूबीना से उसके माता-पिता का झगड़ा हो गया था। जिस पर इमरान पिता मुबारिक उम्र २० वर्ष निवासी मोहननगर बोला कि तू मेरे साथ घर चल, तब रूबीना ने जाने से मना कर दिया था। अभियुक्त इमरान रूबीना से जबरदस्ती हाथ पकड़कर ले जाने लगा तो फरियादी फरहान के पिता ने उससे कहा कि हमारे बीच में मत बोला कर। उक्त बात को लेकर इमरान ने उसके पिता का गिरबान पकड़कर उनके साथ झुमाझपटी की और तब उन्होंने उसे घर से भगा दिया। अभियुक्त इमरान ने उसके पिता व बड़े भाई वसीम के खिलाफ झूठी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। उक्त बात को लेकर घटना दिनांक 10 मार्च 2014 को अभियुक्त इमरान लगभग रात्रि में 11 बजे उसके घर आया और उसे मारने के लिए चाकू निकाला तो वह अपने घर के अंदर जाने लगा। तभी अभियुक्त इमरान एवं उसके साथी इमरान कालिया दोनों ने उसे गाली-गलोज कर मारपीट शुरू कर दी। इमरान ने जान से मारने की नियत से चाकू निकालकर हमला कर दिया। जो कि बांयी जांघ, हाथ व पेट में लगा। तभी वसीम बचाने आया तो उस पर भी चाकू से हमला किया। उसके दाहिने हाथ का अंगूठा कट गया। इमरान कालिया ने उसे उठाकर घर में फेंक दिया। परिजनों ने घायलों को जिला अस्पताल में रात को भर्ती कराया। उसके बाद माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

यह हुई सजा

कोर्ट ने आरोपी मोहन नगर निवासी इमरान पिता मुबारिक उम्र 20 वर्ष और इमरान कालिया उर्फ इमरान पिता जफ्फार खान उम्र 22 वर्ष दोनों को धारा 307 के तहत दस-दस वर्ष कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


छेड़छाड़ के आरोपी को एक वर्ष की सजा

रतलाम। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आलोट के न्यायाधीश विक्रम सिंह डाबर ने छेड़छाड़ के मामले में आरोपी युवक को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एडीओपी अच्छुसिंह गोयल ने बताया कि फरियादी ग्राम अर्जला निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दीपावली त्योहार होने से अर्जला से अपने पीहर कोर्ट कराडि़या आई थी। घटना दिनांक 10 नवंबर 2015 को साढे छह बजे अपने कुए से घर आ रही थी। मोहन बाई के खेत के पास पहुंची, तभी लसुडि़या गांव का सूरजमल आया व एकदम बुरी नियत से हाथ पकड़ा। उसके चिल्लाने पर मां कंचन बाई व प्रकाश पिता रामाजी ने घटना देखी और बीच-बचाव किया। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ छेड़छाड़ में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी। कोर्ट ने मामले में आरोपी युवक को एक साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।