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तीन माह से वेतन नहीं मिलने से हड़ताल पर उतरे आउट सोर्स कर्मचारी

मेडिकल कॉलेज में कम्प्यूटर ऑपरेटर, सुरक्षा गार्ड और वार्ड ब्वाय के रूप में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी दीपावली त्योहार पर भी वेतन से वंचित हैं। इससे उनका आक्रोश फूट पड़ा और हडताल पर उतर गए। हालांकि दोपहर बाद उनकी हड़ताल समाप्त करवा दी गई।
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रतलाम

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Kamal Singh

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Updated: 3 Nov 2026, 9:29 PM IST

ratlam news

धरने पर बैठे आउटसोर्स कर्मचारी

रतलाम. दीपावली का त्योहार हर किसी के लिए ख‍ुशी लेकर आता है। निजी कंपनियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों सालभर इस साल तोहफे का इंतजार रहता है तो आम व्यक्ति इस त्योहार को लेकर उत्साहित रहता है। इससे इतर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर, सुरक्षा गार्ड, हाउस कीपिंग सहित अन्य कार्य आउटसोर्स कर्मचारियों के रूप में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से वे मायूस हैं। त्योहार में अब कुछ ही दिन बचे हुए होने और वेतन नहीं मिलने से इनका आक्रोश फूट पड़ा और यहां कार्यरत करीब पौने दो सौ कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर उतरकर नारेबाजी करने लगे। अचानक मेडिकल कॉलेज मे काम बंद होने से अफसर भी हरकत में आए। आनन-फानन में इन्हें रखने वाली कंपनी इजाइल के और हाइट्स के अफसरों से संपर्क करतके वेतन देने काम शुरू करवाने के लिए सक्रिय हो गए। हड़ताल की सूचना मिलने के बाद श्रम विभाग के अफसर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इन्होंने शाम तक संबंधित कंपनी से भुगतान का आश्वासन देकर दोपहर बाद हड़ताल समाप्त करवाई। हालांकि रात आठ बजे तक कर्मचारियों के खातों में कंपनी की तरफ से वेतन का भुगतान नहीं किया गया था।

पेटी कांट्रेक्ट वाली फर्म

मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार यहां आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने के लिए हाईट्स कंपनी को राज्यस्तर से ठेका दिया हुआ है। इस कंपनी ने पहले यूडीएस को दिया और यूडीएस ने इजाइल कंपनी को पेटी कांट्रेक्ट दे दिया। मेडिकल कॉलेज से कंपनी को कर्मचारियों के बदले भुगतान कर दिया गया किंतु कंपनी ने अब तक इन्हें तीन माह से कोई वेतन ही नहीं दिया।

ये हैं आउटसोर्स के कर्मचारी

मेडिकल कॉलेज में हाउस कीपिंग, सफाई कर्मचारी, गार्ड, कम्प्यूटर ऑपरेटर इसी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स के रूप में रखे गए हैं। मेडिकल कॉलेज के वार्ड ब्वॉय को भी अब मल्टी पर्पज स्टॉफ (एमपीएस) के रूप में बोला जाने लगा है।

सुबह भी की थी हड़ताल

आउटसोर्स कर्मचारी सुनील महावर, राजेश डोडियार, छोगालाल प्रजापति और मोहन प्रतापति ने बताया कि सुबह के समय गार्ड ने हड़ताल कर दी थी किंतु उन्हें धमकाकर वापस काम पर लौटा दिया। जब हम पहुंचे तो इनके आंदोलन की जानकारी लगी कि इन्हें हटा दिया है तो हमने फिर से आंदोलन शुरू किया। शाम को मानदेय खातों में जमा करवाने का आश्वासन श्रम विभाग के अ​धिकारी और मेडिकल कॉलेज के अफसरों ने दिया। कर्मचारी महावर ने बताया कि शाम तक किसी के खाते में मानदेय की राशि नहीं आई है। दीपावली पर भी यह हालत है। हम कैसे यह त्योहार खुशी से मनाएं।

--हमने जमा करवा दी राशि

जिस कंपनी से अनुबंध है उस कंपनी को हमारी तरफ से राशि जमा करवा दी गई है। आउटसोर्स कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिलने की जानकारी मिली थी। हम कंपनी से लगातार संपर्क में हैं। हमारा भी प्रयास है कि जल्द से जल्द कर्मचारियों को मानदेय मिल जाए जिससे उन्हें भी दीपावली पर किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

डॉ. अनिता मुथा, डीन, मेडिकल कॉलेज