
रेलवे स्टेशन पर भीड़। फोटो-अनुग्रह सोलोमन
रतलाम। रेल का सफर हर किसी के लिए एक मंजिल तक पहुंचने का जरिया होता है, लेकिन जब साथ में दिव्यांग बच्चा हो तो मां के लिए हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। ऐसे ही एक सफर में महिला यात्री अरवा मुफद्दल के साथ अनहोनी हो गई। वह अपने दिव्यांग बेटे के साथ ट्रेन में यात्रा कर रही थीं। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। सफर के बीच मोबाइल चोरी होने से महिला परेशान हो गईं। एक ओर बेटे की देखभाल की जिम्मेदारी थी तो दूसरी ओर चोरी हुए मोबाइल की चिंता। ऐसे मुश्किल वक्त में रतलाम मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने तत्परता दिखाई और महिला की परेशानी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए चोर की तलाश शुरू कर दी। कर्मचारियों की सतर्कता, आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई से न केवल चोरी हुआ मोबाइल बरामद हुआ, बल्कि आरोपी भी पकड़ लिया गया। मोबाइल वापस मिलने पर महिला यात्री को बड़ी राहत मिली।
महिला यात्री अरवा मुफद्दल ट्रेन संख्या 22902 में अपने दिव्यांग बेटे के साथ यात्रा कर रही थीं। दोनों एचए-1 कोच के केबिन संख्या सी-8 एवं सी-10 में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। ट्रेन में सफर करते हुए मोबाइल चोरी होना किसी भी यात्री के लिए परेशानी का कारण बन सकता है, लेकिन दिव्यांग बेटे के साथ अकेले यात्रा कर रही महिला के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही रतलाम मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
मोबाइल चोरी की जानकारी मिलने के बाद टिकट चेकिंग स्टाफ ने यात्रियों और कोच में मौजूद परिस्थितियों के आधार पर संदिग्ध की तलाश शुरू की। इस पूरी कार्रवाई में टिकट चेकिंग स्टाफ के देवेंद्र प्रेमी, पप्पू सिंह राणा और इंद्रजीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कर्मचारियों ने वडोदरा के सीएमआई कंट्रोल के साथ संपर्क और समन्वय बनाकर कार्रवाई को आगे बढ़ाया। सतर्कता से की गई तलाश के दौरान संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में पकड़ में आ गया। जांच के दौरान उसके पास से महिला यात्री का चोरी हुआ मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया।
टिकट चेकिंग स्टाफ ने बरामद मोबाइल फोन महिला यात्री अरवा मुफद्दल को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया। जिस मोबाइल के चोरी होने से वह परेशान थीं, उसके वापस मिलने पर उन्हें राहत मिली। वहीं, पकड़े गए आरोपी को आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए भरूच में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सुपुर्द कर दिया गया।
इस घटना में टिकट चेकिंग स्टाफ की भूमिका केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं रही। कर्मचारियों ने एक परेशान महिला यात्री की स्थिति को समझते हुए तत्काल मदद की। खास बात यह रही कि दिव्यांग बेटे के साथ सफर कर रही महिला को लंबी कानूनी प्रक्रिया और मोबाइल की तलाश के लिए अकेले परेशान नहीं होना पड़ा। कर्मचारियों की सक्रियता से यात्रा के दौरान ही मोबाइल बरामद हो गया और आरोपी को भी पकड़ लिया गया। रतलाम मंडल रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। मंडल के कर्मचारियों की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्कता और समय पर उठाया गया कदम कितना महत्वपूर्ण है। एक महिला यात्री के लिए यह सिर्फ मोबाइल वापस मिलने की बात नहीं थी, बल्कि अनजान सफर में मुश्किल घड़ी के दौरान मदद के लिए आगे आए रेलवे कर्मचारियों से मिला भरोसा भी था।
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
Updated on:
7 Nov 2026, 7:03 PM IST
Published on:
7 Nov 2026, 7:02 PM IST
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़




