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रतलाम. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने समय अनुसार स्वयं में बड़ा परिवर्तन किया है। कोरोना वायरस के चलते मैदान में लगने वाली शाखाएं अब कुटुंब में लग रही है। संघ के इतिहास में पहली बार स्वयं सेवक घर में एक घंटे की शाखाएं लगा रहे है। इन सब के बीच रविवार को मालवा प्रांत के तीन हजार से अधिक घर में स्वयं सेवकों ने परिवार के साथ संघ की प्रार्थना रविवार शाम को की।
असल में आरएसएस के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने रविवार की शाम को 5.30 बजे अपने अपने घर में रहते हुए संघ की प्रार्थना करने की अपील की थी। इस आयोजन में मालवा प्रांत के तीन हजार से अधिक तो देशभर के 50 लाख से अधिक परिवार शामिल हुए। संघ पदाधिकारियों के अनुसार जब तक लॉकडाउन व कोरोना वायरस का प्रभाव है, तब तक अस्थायी व्यवस्था के अंतर्गत कुटुं्रब शाखा की शुरुआत की गई है।
यह हो रहा इससे लाभ
एक स्वयं सेवक ने बताया कि कुटुंब शाखा की शुरुआत होने से बड़ा लाभ यह हुआ कि परिवार के अन्य सदस्य जिनमे महिलाएं, बच्चे शामिल है, उनको संघ को समझने का अवसर मिला। स्कूल व ट्यूशन के चलते जो बच्चे चाहते हुए भी सुबह संघ की शाखा में नहीं जा पाते थे, अब उनको भी कुटुंब शाखा होने से इसमे शामिल होने का लाभ मिला। इसके साथ ही कुटुंब शाखा के माध्यम से संस्कारों को पुन:जिर्वित करने व व्यक्ति के चरित्र निर्माण की प्रक्रिया गति से जारी रखने कार्य हुआ। फोन पर दी सूचनाकुछ दिन पूर्व ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संघ स्वयं सेवकों ने वीडिओ संदेश को सुना था व बाबा साहब को याद किया था। रविवार के आयोजन को सफल करने के लिए फोन पर गांव गांव सूचना दी गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र तक संघ कितना मजबूत है, यह देखना भी रहा।
राष्ट्रीय संस्कारों का सशक्त प्रमाण
संघ इस समय समाज में अपने सेवा कार्यो का उत्तरदायित्व का निर्वाहन बेहतर तरीके से कर रहा है। इसके साथ साथ शाखा के नियमित कार्य का पालन भी वह अपने परिवार में कर रहा है। यह संघ के स्वयं सेवक के राष्ट्रीय संस्कारों का सशक्त प्रमाण है। इसी के अंतर्गत रविवार को शाखा प्रार्थना का आयोजन किया गया।
- डॉ. रत्नदीप निगम, रतलाम विभाग प्रचार प्रमुख
Published on:
20 Apr 2020 09:11 am

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