1 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कुण्डलपुर महामहोत्सव: गजरथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, एक लाख से अधिक लोग पहुंचे

फाल्गुन के पूरे महीने तक आम श्रद्धालु अभिषेक कर सकेंगे
2 min read
Google source verification

•

image

Deepesh Tiwari

•

Feb 24, 2022

kundalpur_01.png

kundalpur

सिद्धक्षेत्र श्री कुण्डलपुर (मध्यप्रदेश के दमोह में) बड़े बाबा का महामस्तकाभिषेक गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। पहला कलश समाज के गौरव अध्यक्ष अशोक पाटनी ने किया। मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि महामस्काभिषेक में स्वर्ण कलश 11 लाख, रजत कलश 5.51 लाख की राशि तय की गई है। इसके बाद फाल्गुन के पूरे महीने तक आम श्रद्धालु अभिषेक कर सकेंगे।

वहीं इससे पहले बुधवार को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने कहा कि महाकुंभ 12 या 14 वर्ष में होता है, उसी प्रकार बड़े बाबा का महा मस्तकाभिषेक प्रत्येक 9 वर्षों में होगा और अगला महामस्तकाभिषेक 2031 में होगा। महामस्तकाभिषेक को लेकर कुंडलपुर कमेटी ने तैयारियां की हैं।

सिद्धक्षेत्र श्री कुण्डलपुर (मध्यप्रदेश के दमोह में) बड़े बाबा का महामस्तकाभिषेक गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। पहला कलश समाज के गौरव अध्यक्ष अशोक पाटनी ने किया। मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि महामस्काभिषेक में स्वर्ण कलश 11 लाख, रजत कलश 5.51 लाख की राशि तय की गई है। इसके बाद फाल्गुन के पूरे महीने तक आम श्रद्धालु अभिषेक कर सकेंगे।

Must Read-देश के दो शहर पवित्र तीर्थक्षेत्र घोषित

वहीं इससे पहले बुधवार को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने कहा कि महाकुंभ 12 या 14 वर्ष में होता है, उसी प्रकार बड़े बाबा का महा मस्तकाभिषेक प्रत्येक 9 वर्षों में होगा और अगला महामस्तकाभिषेक 2031 में होगा। महामस्तकाभिषेक को लेकर कुंडलपुर कमेटी ने तैयारियां की हैं। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ससंघ सुबह 8 बड़े बाबा के मंदिर में पहुंचेंगे और उनके ही सान्निध्य में महामस्तकाभिषेक शुरू होगा। इसके अलावा पंच बाल्याती की प्रतिमाओं एवं सभी त्रिकाल चौबीसी की 72 प्रतिमाओं का भी अभिषेक होगा।

आचार्यश्री की अगुवाई में गजरथ फेरी
आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के साथ उनका विशाल संघ रूपी समोशरण आगे-आगे चला। ऐतिहासिक गजरथ फेरी में मुख्य आकर्षण का केंद्र सोने का रथ रहा।

पीछे चांदी के रथ चल रहे थे। इसमें 27 रथ शामिल थे। पंचकल्याणक महामहोत्सव में विभिन्न पात्र निभा रहे धर्मश्रेष्ठियों को विराजमान कराया गया था।

केंद्रीय राज्यमंत्री हाथ में चंवर लेकर चले
गजरथ फेरी में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल हाथ में चंवर लेकर शामिल हुए। वे पूरी 9 फेरी में साथ रहे। समापन अवसर पर उन्होंने आचार्यश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। गजरथ यात्रा में दमोह विधायक अजय टंडन भी शामिल हुए।