ज्योतिष शास्त्र में सभी नौ ग्रहों का अपना-अपना महत्व और कार्य है। इनमें से शुक्र ग्रह को ग्रहों का मंत्री कहा जाता है। ज्योतिष अनुसार जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह भौतिक सुख-सुविधाओं, वैवाहिक और प्रेम संबंधों, आनंद, सौंदर्य और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है। इसके अलावा शुक्र ग्रह के कुंडली में शुभ स्थिति में होने से व्यक्ति को मकान और वाहन सुख प्राप्त होता है।
ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह अशुभ स्थिति में होता है उन्हें वैवाहिक और प्रेम जीवन में समस्याओं के साथ ही भोग-विलास की वस्तुओं की कमी जैसी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। ऐसे में शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए शुक्र यंत्र की स्थापना एक कारगर उपाय माना गया है। तो आइए जानते हैं शुक्र यंत्र के लाभ और स्थापना विधि...