Diwali : दीपोत्सव के 5 दिनों में धन तेरस और रूप चौदस के बाद अब धार्मिक आस्था, पारंपरिक अनुष्ठानों और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े पर्वों की बारी है। आज रविवार को घर-घर सुख, समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की पूजा होगी। दीपावली पर घरों को रोशन करने, रंगोली बनाने और सजावट करने का उत्साह हर तरफ दिखाई देता है। लेकिन त्योहार की खुशियों के बीच पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। पटाखों का धुआं, प्लास्टिक की सजावटी सामग्री, थर्मोकोल और एक बार इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं त्योहार के बाद बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करती हैं। ऐसे में छोटी-छोटी आदतें अपनाकर दीपावली को ज्यादा जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। हकीकत तो यह है कि धन की देवी माता लक्ष्मीजी वहां स्थायी रूप से वास करती हैं जहां कचरा न हो, प्रदूषण न हो। स्वच्छ और शांत वातावरण उन्हें बहुत भाता है। कम कचरा, कम प्रदूषण, ज्यादा खुशियां देता है और इस पूजा से लक्ष्मीजी सबसे ज्यादा प्रसन्न होती हैं।