पूजन में चंदन, रोली, अबीर, गुलाल, सिंदूर, हल्दी, अक्षत, धान की लाई, धनिया, कमलगट्टा और पुष्प अर्पित करें। 16 दीप प्रज्ज्वलित कर बहीखाता, सोने-चांदी के सिक्के, कलम-दवात और मुद्राएं भी पूजन में रखें। मिठाई, बताशे, मौसमी फल और विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाएं। इसके बाद गणेश, गौरी और अष्टलक्ष्मी का पूजन कर मां महालक्ष्मी की आरती और परिक्रमा करें।