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आज है शनिश्चरी अमावस्या, इन उपायों से चमक जाएगी किस्मत

अमावस्या व शुक्ल प्रतिपदा में शुभ व मांगलिक कार्य सामान्यत: शुभ नहीं होते।
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Sunil Sharma

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Updated: 18 Nov 2017, 9:38 AM IST

Aaj ka rashifal

Aaj ka rashifal

अमावस्या तिथि सायं ५.१२ तक, तदन्तर शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा प्रारम्भ हो जाएगी। अमावस्या व शुक्ल प्रतिपदा में शुभ व मांगलिक कार्य सामान्यत: शुभ नहीं होते। अमावस्या तिथि में अग्निहोत्र, महादान, पितृकर्म तथा यज्ञादि कार्य कथित हैं। इसी प्रकार शुक्ल प्रतिपदा में देवीकार्य और नक्षत्रादि को छोडक़र अन्य शुभ कार्य शुभ नहीं माने जाते।

नक्षत्र: विशाखा ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र सायं ७.२४ तक, इसके बाद अनुराधा ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र रहेगा। विशाखा नक्षत्र में पदार्थ संग्रह, अलंकार, कारीगरी, चित्रकारी, औषध सम्बंधी कार्य सिद्ध होते हैं। पर अनुराधा नक्षत्र में विवाह, जनेऊ, यात्रा, सवारी, अलंकार तथा अन्य स्थिर व चर कार्य शुभ होते हैं। योग: शोभन नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि ९.१६ तक, इसके बाद अतिगंड नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। अतिगंड नामक योग की प्रथम छ: घटी शुभ कार्यों में वर्जित है।

ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: रात्रि ११.०४ पर शुक्र विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। करण: नाग नामकरण सायं ५.१२ तक, इसके बाद किंस्तुघ्न नामक स्थिर संज्ञक करण हैं। स्थिर संज्ञक करणों में पितृकार्य करना ऋषयादेश है।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143९, मु.मास: सफर-२८
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : हेमन्त
मास : मार्गशीर्ष। पक्ष - कृष्ण।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ८.१२ से ९.३२ तक शुभ तथा दोपहर १२.१२ से सायं ४.११ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५० से दोपहर १२.३३ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज देवपितृकार्य अमावस्या, शनैश्चरी अमावस्या व शहादते इमाम हसन (मु.) है। चन्द्रमा: चन्द्रमा दोपहर १२.४९ तक तुला राशि में, इसके बाद वृश्चिक राशि में रहेगा।

दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल है। पर आज दोपहर १२.४९ तक पश्चिम दिशा की यात्रा व इसके बाद उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ते, तो, न, नी, नू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। दोपहर १२.४९ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि तुला व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि वृश्चिक है। इन सबका जन्म ताम्रपाद से है। सामान्यत: ये जातक इंद्रियपीड़ा से युक्त होने पर भी सुखी, सुंदर, भाग्यशाली, बोलने में चतुर, जितेंद्रिय, धनी, थोड़े व्याकुल और अस्थिर चित्तवाले होते हैं। इनका भाग्योदय प्राय: २१-२८ व ३४वें वर्ष में होता है। तुला राशि वाले जातकों को आज का दिन सुख देने वाला रहेगा। मनोवांछित लाभ प्राप्त होगा। कोई मांगलिक कार्य भी होगा।