
वास्तु शास्त्र: चंद्र और वायु से होता है कूलर-पंखे का संबंध, जानें इसे लगाने की सही दिशा और रंग
गर्मी के सीजन में हर कोई ठंडक तलाशता है और गर्मी से बचने की कोशिश करता है। वहीं हिंदू कैलेंडर के अनुसार चौथे महीने आषाढ़ में भी खूब गर्मी पड़ती है।इसलिए लोगों के घरों में कूलर, पंखों या एयरकंडीशनर का खूब इस्तेमाल किया जाता है। जहां ज्योतिष शास्त्र में कूलर से बुध, शनि, चंद्रमा और राहु ग्रह का संबंध माना गया है, वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर को रखने के भी कुछ खास नियम या दिशा बताई गईं हैं। तो आइए जानते हैं वास्तु अनुसार कूलर रखना किस दिशा में शुभ माना गया है...
कूलर की दिशा
वास्तु के अनुसार वायु और चंद्रदेव की दिशा वायव्य कोण मानी गई है। इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर को उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है। वहीं घर में रखे कूलर की दिशा के साथ ही उसका सही ढंग से काम करना भी जरूरी है। यानी कूलर की मोटर या पंखा सही काम करना चाहिए।
कूलर का रंग
वास्तु शास्त्र में कूलर के रंग का भी अपना महत्व होता है। जहां एक तरफ गहरे नीले, लाल या सलेटी रंग के कूलर को रखना सही नहीं माना गया है। वहीं वास्तु के अनुसार सिल्वर, क्रीम या सफेद रंग का कूलर घर के लिए शुभ होता है।
वास्तु दोष कैसे दूर करता है कूलर
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आप कूलर को दक्षिण-पूर्व दिशा में रख रहे हैं तो कूलर पर गुलाबी रंग करवा कर रख सकते हैं। इसके अलावा पश्चिम दिशा में रखे हुए कूलर के पानी में नीले रंग के क्रिस्टल डालकर रखने से वास्तु दोष दूर होने की मान्यता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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Updated on:
19 Jun 2022 04:20 pm
Published on:
19 Jun 2022 04:20 pm
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