
Public transport: Passengers leave late on Chakghat border
रीवा. रीवा से इलाहाबाद का टिकट बनाने के बाद चाकघाट बार्डर पर देररात उतार दिया गया। जिससे नाराज यात्रियों ने बार्डर पर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने चालक और परिचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सवारियों को शांत कराया। मामले में पुलिस आरोपियों खिलाफ मामूली धारा में प्रकरण दर्ज किया। चालक और परिचालक को गिरफ्तार करने के बाद सुबह थाने से ही आरोपियों को छोड़ दिया। जबकि बस को परिसर में खड़ी कराया है।
इलाहाबाद का बोर्ड लगाकर भर रहे सवारियां, लापरवाह बने जिम्मेदार
रीवा स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल बस स्टैंड से दो दिन पहले बस दोपहर बाद ३ बजे सवारियों को इलाहाबाद तक के लिए 140 रुपए की दर से टिकट बनाया। चाकघाट बार्डर पर देररात बस पहुंची तो यात्रियों का चाकघाट तक किराया काट कर शेष पैसे वापस करने लगा। इस दौरान बारिश हो रही थी। चारो ओर अंधेरा होने से यात्री परेशान हो गए। रात का वक्त इलाहाबाद जाने के लिए साधन नहीं मिला तो नाराज यात्रियों ने हंगामा कर दिया।
पुलिस ने चालक-परिचालक को छोड़ा
यात्रियों के विरोध पर चालक और परिचालक ने यात्रियों के साथ गाली-गलौज करने लगे। यात्रियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घंटेभर यात्री गन्तव्य को जाने के लिए परेशान रहे। कई महिलाएं बच्चों को परेशान रहीं। सिर पर बोरी लिए परेशान यात्री भडक़ गए। नाराज यात्रियों ने चालक और परिचालक के खिलाफ चाकघाट थाने में शिकायत की है। मामले में पुलिस ने परिचालक सिंटू और चालक विनोद के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। बताया गया कि पुलिस ने यात्रियों की शिकायत पर पहलीबार कार्रवाई की है। सुबह पुलिस ने चालक और परिचालक को छोड़ दिया। जबकि बस को थाने में ही खड़ी है। पुलिस के अनुसार बस रीवा के रतहरा निवासी राजीव शुक्ला की है।
हर रोज परेशान हो रही यात्री, तमाशबीन बने अफसर
जिला मुख्यालय से हर रोज सरदार पटेल बस स्टैंड से इलाहाबाद का बोर्ड लगाकर बसें सवारियों को गुमराह किया जा रहा है। कुछ बसों को छोड़ ज्यादातर बसें चाकघाट में सवारियों को उतार देते हैं, जिससे सवारियां गन्तव्य तक पहुंचने के लिए परेशान होना पड़ता है। रीवा-वाया मनगवां-इलाहाबाद हाइवे पर रीवा-इलाहाबाद का बोर्ड लगाकर चलते हैं। सवारियों की शिकायत के बाद भी आरटीओ, राजस्व और पुलिस के अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं।
मध्य प्रदेश परिवहन का फर्जी बोर्ड
जिले में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश को जोडऩे वाले हाइवे पर चलने वाली ज्यादातर बसें मध्य प्रदेश परिवहन लिख रखा है। जबकि मध्य प्रदेश परिवहन की बसें संचालित नहीं हैं। निजी बस ऑपरेटर मनमानी तरीके से बसों में बोर्ड लगाकर यात्रियों से मनमानी किराया वसूल रहे हैं। सूचना के बावजूद जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
Published on:
3 Sep 2018, 12:42 PM IST
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