मालूम हो कि इस बार शिक्षा विभाग ने नया शिक्षा सत्र अप्रैल महीने से शुरू किया था। उसी वक्त छात्र-छात्राओं को किताबें वितरित की जानी थी। सूत्रों की माने विभागीय अधिकारियों ने कुछ छात्र-छात्राओं को पुरानी किताबों का वितरण कर अप्रैल उत्सव मना लिया था। अप्रैल महीने में अधिकांश छात्र-छात्राएं बिना किताबों के ही स्कूल गए थे। स्थिति ये रही कि पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को बाजार से किताबें खरीदनी पड़ीं तो कइयों ने पुराने छात्रों से लेकर जैसे-तैसे पढ़ाई की। किताब वितरण में हो रही देरी का कारण बताया जा रहा है कि एनसीईआरटी की किताबें आनी थी। राज्य पाठ्य पुस्तक की ओर से समय पर छपाई नहीं हो सकी थी। मालूम हो कि जिले में 120 हाई स्कूल, 130 हायर सेकंडरी स्कूल और 3700 प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय हैं।