
दारूल उलूम ने जारी किया नया फतवा, देशभर के करोड़ों युवक-युवतियों पर पड़ेगा असर
देवबंद. सोशल मीडिया पर फोटो डालने के मसले के बाद अब सेल्फी के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए दारुल उलूम देवबंद से पूछे गए सवाल पर दारुल उलूम के इफ्ता विभाग ने फतवा देते हुए उसे नाजायज करार दिया है। पाकिस्तान के लोगों द्वारा पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए दारुल उलूम ने कहा कि सेल्फी युवतियों के लिए ही नहीं मर्दों के लिए भी नाजायज है। क्योंकि वह उसे सोशल मीडिया में प्रकाशित कर देते हैं, जिससे उन पर मर्दों आैर औरतों की नजरें पड़ने से बेशर्मी बढ़ती है।
सोशल मीडिया में सेल्फी लेने के विषय में पर अब दारुल उलूम का फतवा चर्चा का विषय बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि सेल्फी का क्रेज अब युवाओं में जुनून की हद तक पहुंच गया है। आलम यह है कि अब सेल्फी लेने मे युवा ही नहीं बड़ी उम्र के लोग भी सोशल मीडिया में सेल्फी डालकर अपनी गतिविधियों से अपने परिचितों को ही नहीं, बल्कि आमजन को भी अवगत कराते हैं। यही वजह है कि महिलाओं के फोटो को नाजायज करार देने के बाद अब दारुल उलूम ने सेल्फी को नाजायज करार दे दिया है।
दारुल उलूम के फतवे में कहा गया है कि सेल्फी लेकर फोटो को आम लोगों तक पहुंचाया जाता है, जिससे महिलाओं के फोटो को पुरुष और पुरुषों के फोटो महिलाएं देखती हैं। इसीलिए मुक्ति की खंडपीठ ने कहा कि गैरमर्द और औरतों का फोटो देखना नजायज है। उन्होंने कहा कि जरूरत के लिए ही फोटो खिंचवाए जा सकते हैं। दारुल उलूम ने कहा कि सिर्फ सरकारी दस्तावेजों के लिए ही फोटो खिंचवाना सही है, लेकिन उसे सोशल मीडिया पर डालना नाजायज है।
Published on:
18 Jan 2019, 11:59 AM IST
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